उड़ानों के नुकसान पर अमेरिका देगा भारत का साथ, डोभाल-सुलिवान की सीक्रेट टॉक में बनी रणनीति; ड्रैगन-तेहरान का खेल खत्म!

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण भारतीय एयरलाइंस को अब तक लगभग 26,000 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं, जिससे भारतीय नागरिक उड्डयन क्षेत्र को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। लेकिन भारत इस नुकसान को मूकदर्शक बनकर नहीं सहने वाला। पिछले 24 घंटों में नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के स्तर पर बेहद उच्च स्तरीय और गोपनीय बातचीत हुई है। अमेरिका ने भारत को आश्वस्त किया है कि वह युद्ध के कारण भारत को होने वाले हर एक पैसे के आर्थिक नुकसान की भरपाई रणनीतिक और व्यापारिक रियायतों के जरिए करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया है कि भारत को होने वाली इस परेशानी के लिए पूरी तरह ईरान का अड़ियल रुख जिम्मेदार है।
इस बातचीत के बाद यह संभावना बेहद मजबूत हो गई है कि अमेरिका भारतीय उड़ानों के लिए अलास्का और प्रशांत महासागरीय क्षेत्रों से वैकल्पिक और सुरक्षित हवाई मार्ग (Air Corridors) उपलब्ध कराने जा रहा है। इतना ही नहीं, अमेरिका भारत को कच्चे तेल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारों से भारी छूट पर तेल देने के समझौते पर हस्ताक्षर कर सकता है। भारत के फेवर में जाती इस बड़ी कूटनीतिक जीत ने चीन को पूरी तरह अलग-थलग कर दिया है, जो इस संकट का फायदा उठाकर भारत को घेरने की फिराक में था। अमेरिका का भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होना यह साबित करता है कि आज की तारीख में वॉशिंगटन के लिए दिल्ली से महत्वपूर्ण कोई दूसरा साझेदार नहीं है।



