श्रावण के पहले सोमवार भोरमदेव पदयात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, विजय शर्मा संग हजारों श्रद्धालुओं ने तय किया 18 किमी का सफर

श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर कबीरधाम जिले का प्रसिद्ध भोरमदेव धाम शिवभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। कवर्धा से भोरमदेव मंदिर तक आयोजित 18 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साह और श्रद्धा के साथ हिस्सा लिया। यात्रा शुरू होने से पहले पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की गई, जिसके बाद हर-हर महादेव और बोल-बम के जयघोष के साथ पदयात्रा का शुभारंभ हुआ।
पदयात्रा के दौरान विजय शर्मा ने कहा कि श्रावण का पहला सोमवार भगवान भोलेनाथ की आराधना का विशेष पर्व है और भोरमदेव धाम छत्तीसगढ़ की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का गौरव है। उन्होंने कहा कि सरकार श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार तथा भोरमदेव मंदिर के संरक्षण और विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को श्रावण मास की शुभकामनाएं देते हुए यात्रा के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, अधिकारियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों का आभार जताया।
पूरे 18 किलोमीटर के मार्ग में श्रद्धालुओं का जगह-जगह पुष्पगुच्छ, तिलक और मालाओं से स्वागत किया गया। विभिन्न सामाजिक संगठनों, ग्राम पंचायतों, वन विभाग, इंजीनियर एसोसिएशन, जिला प्रेस क्लब, ट्रक मालिक संघ, निजी स्कूल संघ सहित कई संस्थाओं ने सेवा शिविर लगाकर चाय, कॉफी, शरबत, जूस, फल, खीर-पूड़ी और अन्य खाद्य सामग्री का वितरण किया।
वर्ष 2008 से लगातार आयोजित हो रही इस पदयात्रा में इस बार भी युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और कांवड़ियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश, नंदी और शिव परिवार पर आधारित आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। भजन-कीर्तन और शिव जयघोष से पूरा मार्ग भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।
पदयात्रा के दौरान समनापुर के पास महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाए गए ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जागरूकता स्टॉल का भी अवलोकन किया गया। इस अवसर पर बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। पदयात्रा में कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठन, स्कूली बच्चे और हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।




