खेलों को नई उड़ान देगा छत्तीसगढ़, 100 करोड़ के खेल उत्कर्ष मिशन का ऐलान

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में खेलों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत 57 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर और आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।
अरुण साव ने कहा कि राज्य में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने, महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में प्रदेश में हॉकी लीग आयोजित करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। खेल अकादमियों में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए 14 प्रशिक्षकों को पटियाला प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि खेल गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और सक्ती जैसे नए जिलों में खेल अधिकारियों के पद सृजित किए गए हैं। साथ ही 44 प्रशिक्षकों, 4 जिला खेल अधिकारियों, 23 सहायक ग्रेड-3 और 8 वार्डनों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है।
अरुण साव ने कहा कि राज्य गठन के समय खेल विभाग का बजट केवल 4 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 304 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। पिछले दो वर्षों से आयोजित बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद इस वर्ष सरगुजा ओलंपिक की शुरुआत की गई है। वहीं खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की सफल मेजबानी ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान दिलाई है।




