भिलाई में Cyber Crime का बड़ा जाल: 13 Mule Accounts गिरफ्तार, 10 लाख से ज्यादा संदिग्ध लेन-देन

साइबर ठगी का पैसा किसी अदृश्य रास्ते से नहीं गुजरता—उसके लिए बैंक खाते चाहिए। भिलाई में पुलिस ने इसी नेटवर्क की एक अहम कड़ी पर हाथ डाला है। दुर्ग पुलिस ने 13 म्यूल बैंक अकाउंट धारकों को गिरफ्तार किया है।
• अब तक क्या हुआ?
सुपेला और भिलाई नगर पुलिस ने ACCU के साथ कार्रवाई करते हुए 13 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में इन बैंक खातों के जरिए 10 लाख रुपये से ज्यादा के संदिग्ध लेन-देन का पता चलने की बात सामने आई है।
• पुलिस का दावा
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार लोगों ने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते और उनसे जुड़े दस्तावेज दूसरे लोगों को उपलब्ध कराए थे।
इनमें पासबुक, ATM कार्ड, चेकबुक और SIM कार्ड शामिल बताए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कमीशन लगभग ₹2 हजार से ₹15 हजार तक बताया गया है।
• FIR में क्या दर्ज है?
सुपेला थाने में अपराध क्रमांक 679/2026 और भिलाई नगर थाने में अपराध क्रमांक 388/2026 के तहत BNS की धारा 318(2), 318(3) और 318(4) में कार्रवाई की गई है।
• पीड़ित पक्ष क्या कहता है?
यह मामला किसी एक पीड़ित की शिकायत तक सीमित नहीं दिखता। पुलिस बैंकिंग ट्रांजेक्शन और जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि वास्तविक साइबर अपराधियों तक पहुंचा जा सके।
• आरोपी का पक्ष
आरोपियों का विस्तृत बचाव पक्ष अभी सामने नहीं आया है। केवल बैंक खाता उपलब्ध कराना जानबूझकर किया गया था या आरोपी स्वयं पूरे नेटवर्क से परिचित थे—यह जांच और अदालत में साक्ष्य का विषय है।
• जांच में सबसे बड़ा सवाल
13 खाताधारक पकड़ लिए गए, लेकिन मास्टरमाइंड कौन है? पैसा किन खातों में आगे गया? एजेंट कौन थे? और कितने दूसरे खाते अभी इस नेटवर्क में सक्रिय हैं?




