लखनपुर में मछली बीज वितरण से ग्रामीणों को मिला आजीविका का नया सहारा

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ और आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के तहत जनपद पंचायत लखनपुर के तत्वावधान में ग्राम पंचायत स्तरीय मछली बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीण परिवारों को स्थानीय संसाधनों से जोड़कर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
राजेश अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और गांव में ही लोगों को आय के स्थायी साधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। ‘बिहान’ के माध्यम से ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मछली पालन जैसे स्थानीय संसाधन आधारित व्यवसाय ग्रामीण परिवारों की आमदनी बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय कौशल का बेहतर इस्तेमाल कर अधिक से अधिक परिवारों को स्थायी आजीविका से जोड़ा जाए। मछली बीज वितरण से हितग्राहियों को मछली पालन शुरू करने के लिए जरूरी आधार मिलेगा और वे इसे आय के नियमित साधन के रूप में विकसित कर सकेंगे।
मंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों को ‘बिहान’ अभियान की महत्वपूर्ण ताकत बताते हुए कहा कि समूहों के जरिए महिलाएं बचत, ऋण, स्वरोजगार और विभिन्न आयमूलक गतिविधियों से जुड़ रही हैं। शासन की योजनाओं के माध्यम से उन्हें कृषि, पशुपालन, मछली पालन, लघु उद्यम सहित अन्य स्थानीय व्यवसायों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, कौशल विकास और आजीविका जैसे क्षेत्रों में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की मंशा है कि गांव का हर परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़े और स्थानीय स्तर पर पर्याप्त आय के साधन विकसित हों।
कार्यक्रम में ग्रामीण हितग्राहियों को मछली पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मछली बीज वितरित किया गया। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए सरकार का आभार जताते हुए कहा कि ऐसी योजनाओं से उन्हें गांव में ही रोजगार और आय का नया विकल्प मिल रहा है।
इस अवसर पर लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज, स्थानीय जनप्रतिनिधि, संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।




