पुतिन का ब्रिक्स मंच से करारा हमला: डॉलर के प्रभुत्व और पश्चिमी ‘गुंडागर्दी’ के खिलाफ खोला मोर्चा!

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 12 सितंबर को ब्रिक्स सम्मेलन के मंच से पश्चिमी देशों और अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। पुतिन ने साफ लहजे में कहा कि पश्चिमी देश अंतरराष्ट्रीय नियमों और निष्पक्ष व्यापार को दरकिनार कर दुनिया पर अपनी मनमानी और आर्थिक तानाशाही थोप रहे हैं।
पुतिन का यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में आग की तरह फैला है। उन्होंने पश्चिमी देशों के एकतरफा प्रतिबंधों, डॉलर के गलत इस्तेमाल और ब्लैकमेलिंग की रणनीतियों को खुलेआम ललकारा। पुतिन ने स्पष्ट किया कि रूस और ब्रिक्स देश अब किसी के दबाव में झुकने वाले नहीं हैं, बल्कि वे एक नए और स्वतंत्र वैश्विक वित्तीय प्लेटफॉर्म का निर्माण कर रहे हैं जो पश्चिमी नियमों से पूरी तरह मुक्त होगा। भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं को साथ लेकर स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने के पुतिन के आह्वान से पश्चिमी गुट में खलबली मच गई है। पुतिन का यह आक्रामक अंदाज दिखाता है कि डॉलर का एकाधिकार अब अपने अंत की ओर बढ़ रहा है।
रूस का यह कड़ा रुख यह साबित करता है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था का ढांचा अब बदलने वाला है और पश्चिमी दादागिरी के दिन अब गिने-चुने बचे हैं।
ये खबर भी पढ़ें—:



