सऊदी अरब का बड़ा झटका: हमले के बाद मुख्य तेल पाइपलाइन ठप, क्या वैश्विक अर्थव्यवस्था को लगेगा झटका?

12 सितंबर को ऊर्जा बाजार से एक बेहद विस्फोटक खबर सामने आई है। सऊदी अरब ने ड्रोन हमलों के बाद अपनी महत्वपूर्ण ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को अस्थायी रूप से पूरी तरह बंद कर दिया है। लगभग 1,200 किलोमीटर लंबी यह पाइपलाइन रोजाना 50 लाख बैरल तेल ले जाने की क्षमता रखती है और यह होर्मुज जलडमरूमध्य के विवादित क्षेत्र को दरकिनार करने का सऊदी का एकमात्र रास्ता थी।
ड्रोन हमलों के तुरंत बाद एहतियातन पाइपलाइन को बंद करने का यह फैसला वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर सीधे प्रहार जैसा है। यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर के प्रवेश द्वार बाब अल-मंदेब में किए जा रहे रणनीतिक हमलों के बीच इस पाइपलाइन का ठप होना तेल की आपूर्ति श्रृंखला को छिन्न-भिन्न कर सकता है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर यह सप्लाई लाइन लंबे समय तक बंद रहती है, तो दुनिया भर में क्रूड ऑयल की कीमतें रॉकेट की तरह ऊपर भागेंगी, जिससे अमेरिका से लेकर यूरोप और एशिया तक महंगाई का नया तूफान खड़ा हो जाएगा। सऊदी अरब का यह कदम सिर्फ एक सुरक्षात्मक फैसला नहीं, बल्कि वैश्विक तेल बाजार के लिए एक खतरे की घंटी है।
ऊर्जा क्षेत्र में मची यह खलबली यह साफ करती है कि मिडिल ईस्ट का तनाव अब पूरी दुनिया की जेब और अर्थव्यवस्था को बेदर्दी से झकझोरने वाला है।
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