उत्तर कोरिया मिसाइल परीक्षण, किम जोंग उन, अमेरिका दक्षिण कोरिया युद्ध अभ्यास, नॉर्थ कोरिया बैलिस्टिक मिसाइल

12 सितंबर की सुबह उत्तर कोरिया ने एक बार फिर अपनी सनक दिखाते हुए अपने पूर्वी तट से समुद्र में कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर पूरे प्रशांत क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। यह आक्रामक कदम ठीक उस समय उठाया गया जब एक दिन पहले ही अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान ने अपना विशाल संयुक्त सैन्य अभ्यास समाप्त किया था।
किम जोंग उन के इस कृत्य ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को फिर से हवा दे दी है। उत्तर कोरिया के रक्षा मंत्री किम सोंग गी ने खुलेआम चेतावनी दी थी कि उनका देश ताकत के दम पर आक्रामक जवाबी कार्रवाई करने में पूरी तरह सक्षम है। अमेरिका और उसके सहयोगियों के सैन्य अभ्यास को उत्तर कोरिया ने सीधा सुरक्षा खतरा बताया और उसके खत्म होते ही मिसाइल परीक्षण करके सीधा संदेश दे दिया। दक्षिण कोरियाई सेना ने इसे गंभीर उकसावा मानते हुए निगरानी बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया का यह दुस्साहस केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि वह क्षेत्र में कभी भी बड़ा सैन्य संकट खड़ा कर सकता है।
उत्तर कोरिया की यह हरकत साबित करती है कि वह किसी भी अंतरराष्ट्रीय चेतावनी की परवाह नहीं करता और एशिया-प्रशांत क्षेत्र को कभी भी युद्ध के मुहाने पर धकेल सकता है।
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