नाइजर सैन्य बगावत में रूस की सीधी एंट्री: 200 वैगनर लड़ाकों ने तख्तापलट किया नाकाम, बैकफुट पर पश्चिमी देश

अफ्रीकी महाद्वीप के देश नाइजर में 14 सितंबर को तख्तापलट की बड़ी और खूनी साजिश नाकाम कर दी गई। नाइजर सेना के भीतर ही भड़की इस बगावत को दबाने के लिए राष्ट्रपति अब्दुर्रहामान तियानी को सीधे रूसी सेना और ‘अफ्रीका कॉर्प्स’ का सहारा लेना पड़ा। इस भीषण सैन्य भिड़ंत में 27 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है।
विद्रोहियों ने राजधानी नियामी के मुख्य एयरबेस पर कब्जा करने की कोशिश की थी, लेकिन लगभग 200 हथियारबंद रूसी सैनिकों और उनके विनाशकारी ड्रोनों ने हमलावरों को कुचलकर एयरबेस पर वापस कब्जा जमा लिया। नाइजर सरकार ने इस साजिश के पीछे सीधे तौर पर पश्चिमी देशों (विशेषकर फ्रांस) और विदेशी ताकतों का हाथ होने का सनसनीखेज आरोप मढ़ दिया है।
अफ्रीका के इस तख्तापलट के खेल ने यह साबित कर दिया है कि रूस अब इस क्षेत्र में निर्विरोध महाशक्ति बन चुका है और पश्चिमी देशों की औपनिवेशिक पकड़ पूरी तरह उखड़ चुकी है।
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