लोकतंत्र की हत्या या सबसे बड़ी सफाई? सिक्किम में अचानक 54,000 वोटर्स का नाम गायब, चुनाव आयोग के फरमान से हड़कंप!

क्या देश के एक हिस्से में लोकतंत्र की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई है? सिक्किम में रातों-रात 54,000 से ज्यादा वोटर्स का नाम वोटर लिस्ट से गायब हो गया है। आखिर यह वाकई कोई सफाई अभियान है या कोई बहुत बड़ी सियासी साजिश?
चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के बाद सिक्किम की वोटर लिस्ट से 11 प्रतिशत से ज्यादा मतदाताओं का नाम एक झटके में उड़ा दिया गया है। 54,000 से ज्यादा वोटरों का नाम कटना कोई छोटी बात नहीं है! क्या ये लोग सच में फर्जी थे, या फिर किसी खास वर्ग को किनारे लगाने की यह कोई मास्टरमाइंड चाल है? अचानक हुए इस ताबड़तोड़ ‘सफाई अभियान’ ने पूरे राज्य में राजनीतिक भूचाल ला दिया है और अब चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अगर यह सच में फर्जी वोटरों की छंटनी है, तो ठीक है। लेकिन अगर यह किसी राजनीतिक साजिश का हिस्सा निकला, तो यह सीधे तौर पर जनता के संवैधानिक हकों पर डाका है। इस महा-उलटफेर की निष्पक्ष जांच होनी ही चाहिए!
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