IIT मंडी या जातिवाद की मंडी? जन्माष्टमी के पोस्टर पर ‘वर्ण व्यवस्था’ का जहर, शिक्षा के मंदिर में ये कैसा खेल?

क्या देश के प्रतिष्ठित संस्थान अब शिक्षा बांटने की जगह जातिवाद का जहर घोलने की फैक्ट्री बन चुके हैं? IIT मंडी से आज एक ऐसी खौफनाक और शर्मनाक करतूत सामने आई है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर संस्थान ने एक ऐसा पोस्टर जारी किया, जिसमें सरेआम ‘वर्ण व्यवस्था’ को महिमामंडित किया गया। आखिर 21वीं सदी में एक तकनीकी संस्थान को जातिगत भेदभाव और वर्ण व्यवस्था का महिमामंडन करने की क्या जरूरत आन पड़ी? यह महज एक गलती नहीं, बल्कि उस सड़ी हुई मानसिकता का पुख्ता सबूत है जो आज भी ऊंच-नीच के खांचे में समाज को बांटना चाहती है। इस पोस्टर के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है और संस्थान की जमकर थू-थू हो रही है।
शिक्षा के इस ‘कथित’ मंदिर में जो ये जातिवाद का नंगा नाच हुआ है, उस पर सिर्फ माफीनामे से काम नहीं चलने वाला। क्या प्रशासन उन जहरीली मानसिकता वाले दोषियों को बाहर का रास्ता दिखाएगा, या फिर इस जहर को यूं ही छात्रों के बीच फैलने दिया जाएगा?
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