जंतर-मंतर कांड में इन्फ्लुएंसर को अंतरिम जमानत: क्या सोशल मीडिया पर फिर भड़केगी धमकी की आग?

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जंतर-मंतर पर हुए मारपीट कांड के आरोपी और खुद को ‘हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर’ बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज को 3 हफ्ते की अंतरिम जमानत दे दी है। इस फैसले के बाद से सोशल मीडिया से लेकर न्याय के गलियारों तक बहस की आग सुलग उठी है।
यह मामला उस वक्त का है जब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान 14 साल की नाबालिग इन्फ्लुएंसर निशु आजाद के पिता पर जानलेवा हमला किया गया था। आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज ने एक इंटरव्यू में सीना ठोक कर यह दावा किया था कि उसने पीड़िता के पिता का सर फोड़ दिया है और अपने राजनीतिक रसूख के कारण उसे पुलिस छू भी नहीं सकती! इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी कड़ा संज्ञान लिया था और नाबालिग पीड़िता को मिल रही बलात्कार और हत्या की धमकियों पर दिल्ली-यूपी पुलिस की ढिलाई को फटकार लगाई थी। 16 सितंबर को जब कोर्ट ने जमानत की अर्जी मंजूर की, तो साथ ही यह कड़ा आदेश भी दिया कि आरोपी सोशल मीडिया पर केस को लेकर एक शब्द भी नहीं बोलेगा। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया ही डराने-धमकाने का नया हथियार बन गया है।
अगर पुलिस की जांच ढीली रहेगी और सोशल मीडिया के कथित सूरमा खुलेआम गुंडागर्दी करके आसानी से बेल पाते रहेंगे, तो आम नागरिक का कानून से भरोसा उठना तय है।
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