iaf-dronathon-2026-pokhran-drone-warfare-tech-controversy

पोखरण में ‘ड्रौनायथन-2026’: आधुनिक युद्ध तकनीक का प्रदर्शन या सुरक्षा तैयारियों पर उठते गंभीर सवाल?

जैसलमेर के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायु सेना का तीन दिवसीय ‘ड्रौनायथन-2026’ कार्यक्रम 16 सितंबर को संपन्न हो रहा है। जहां एक तरफ इसे ‘वायु उत्तम’ (Vayu UTtaM) जैसे स्वदेशी ड्रोन ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का ऐतिहासिक प्रदर्शन बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ रक्षा विशेषज्ञों और विपक्ष के बीच नई तकनीक को अपनाने की रफ्तार पर तीखी बहस छिड़ गई है।

पोखरण में 20 से अधिक रक्षा कंपनियों और एमएसएमई (MSMEs) ने अपने ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम का प्रदर्शन किया। लेकिन विवाद इस बात पर गहरा गया है कि आधुनिक ड्रोन युद्ध रणनीति में चीन और अन्य वैश्विक ताकतों के मुकाबले भारत की रफ्तार अभी भी सुस्त क्यों है? क्या सिर्फ पोखरण में इवेंट आयोजित कर देने और स्टार्टअप्स के प्रोटोटाइप देखने भर से सेना की सीमावर्ती जरूरतें पूरी हो जाएंगी? जमीन पर ड्रोन के वास्तविक इस्तेमाल, रक्षा खरीद की लालफीताशाही और विदेशी पुर्जों पर निर्भरता को लेकर रक्षा गलियारों में जबरदस्त घमासान मचा हुआ है।

सिर्फ इवेंट्स और बड़े-बड़े प्रदर्शनों से जंग नहीं जीती जातीं। अगर भारत को अपनी सरहदों की हिफाजत करनी है, तो रक्षा क्षेत्र में नौकरशाही के ढर्रे को तोड़कर इन तकनीकों को तुरंत अग्रिम चौकियों पर तैनात करना होगा।

4rtheye web Desk
4rtheye web Desk
Articles: 18503

Leave a Reply