विदेशी फंडिंग वाले NGOs पर शिकंजा! ‘FCRA संशोधन विधेयक 2026’ पर मचा घमासान, मोदी सरकार पर भड़का विपक्ष!

गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और विदेशी चंदे पर लगाम लगाने के लिए पेश किए गए ‘FCRA संशोधन विधेयक 2026’ को लेकर देश में एक नया सियासी और सामाजिक बवंडर खड़ा हो गया है! सरकार का दावा है कि इस सख्त कानून से देश की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाली और देशविरोधी गतिविधियों में शामिल संस्थाओं पर नकेल कसी जाएगी।
लेकिन विपक्ष और सिविल सोसाइटी संगठनों ने इसे लोकतंत्र की आवाज दबाने वाला ‘काला कानून’ घोषित कर दिया है। आरोप है कि विधेयक में संपत्ति जब्त करने और FCRA रजिस्ट्रेशन रद्द करने के जो बेहद कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं, उनका इस्तेमाल मानवाधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए आवाज उठाने वाले संगठनों को निशाना बनाने के लिए किया जाएगा। विदेशी फंडिंग के नाम पर सरकार द्वारा बनाए जा रहे इस घेरे ने संसद से लेकर सड़कों तक संग्राम का माहौल बना दिया है।
क्या यह राष्ट्रीय सुरक्षा की ढाल है या फिर सरकार के खिलाफ उठने वाली हर निष्पक्ष आवाज का गला घोंटने की सोची-समझी साजिश? बहस चरम पर है!




