सुप्रीम कोर्ट का फैसला और भारत की सुरक्षा कूटनीति

हिंद महासागर में भारत की बढ़ती नौसैनिक ताकत को रोकने की कोशिश करने वाले तत्वों और याचिकाकर्ताओं के मंसूबों पर पानी फिर गया है। सुप्रीम कोर्ट ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम ‘ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट’ के खिलाफ दायर आपत्तियों पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है।
भारत के दक्षिणी छोर पर स्थित ग्रेट निकोबार द्वीप में बन रहा मेगा-इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट न केवल व्यापार बल्कि भारत की सामरिक सुरक्षा की रीढ़ है। चीफ जस्टिस सूर्याकांत की पीठ ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कानून के नाम पर विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के कार्यों को रोकने वाली याचिकाओं को खारिज किया और कोलकाता हाईकोर्ट को तेजी से सुनवाई का आदेश दिया। मलक्का जलडमरूमध्य के मुहाने पर भारत का यह प्रोजेक्ट हिंद महासागर में दुश्मन देशों की हर हलचल पर नजर रखने के लिए एक ‘अभेद्य किले’ की तरह तैयार हो रहा है।
देश की संप्रभुता और नौसेना की मजबूती को ध्यान में रखते हुए उठाए गए इस कदम से देश विरोधी सोच रखने वाले गुटों में हड़कंप मच गया है। भारत अपनी समुद्री सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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