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टिकटॉक का खौफनाक कबूलनामा, 1.5 करोड़ बच्चों को ‘प्रयोग की भेड़-बकरी’ बनाया!

सोशल मीडिया जायंट टिकटॉक का सबसे गंदा और घिनौना चेहरा बेनकाब हो गया है। न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स ने टिकटॉक के खिलाफ जारी बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी याचिका में बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाले खुलासे जोड़े हैं।

अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, टिकटॉक ने लगभग 1.5 करोड़ अमेरिकी टीनेजर्स (किशोरों) से जानबूझकर सुरक्षा फीचर्स छीन लिए और चुपके से उन पर साइकोलॉजिकल एक्सपेरिमेंट किया। करीब 10% नाबालिग यूजर्स को बिना बताए इस खतरे में धकेला गया ताकि ऐप उनके मानसिक स्वास्थ्य पर होने वाले असर का डेटा जुटा सके। बच्चों को व्यूज और कमाई की मशीन समझने वाली इस चीनी-स्वामित्व वाली कंपनी ने मासूमों के दिमाग से खिलवाड़ करने की सारी हदें पार कर दीं।

मासूम बच्चों को अपने खतरनाक प्रयोगों के लिए ‘गिनी पिग’ बनाने वाली इस कंपनी पर अब तक की सबसे कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है। क्या चंद डॉलर्स के मुनाफे के लिए मासूमों के मानसिक स्वास्थ्य की बलि चढ़ाना ही इस टेक-राक्षस की असलियत है?

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