Ambedkar Hospital's name shines again due to successful breast surgery of a foreign girl

विदेशी युवती की सफल ब्रेस्ट सर्जरी से फिर चमका अम्बेडकर अस्पताल का नाम

रायपुर। प्रदेश का गौरव, पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय और डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए सुर्खियों में है। इस बार उपलब्धि जुड़ी है एक विदेशी युवती की जटिल ब्रेस्ट ट्यूमर सर्जरी से, जो पूरी तरह सफल रही — और वह भी बिना किसी कॉस्मेटिक दुष्प्रभाव के।

जनरल सर्जरी विभाग की अनुभवी टीम ने रवांडा (पूर्वी अफ्रीका) की एक 20 वर्षीय युवती के बेनाइन फाइब्रो एपिथीलियल ट्यूमर का ऑपरेशन इस कुशलता से किया कि भविष्य में उसकी मातृत्व क्षमता या शारीरिक सौंदर्य पर कोई प्रतिकूल असर नहीं होगा।

ऑपरेशन की खास बातें:

ब्रेस्ट की प्राकृतिक आकृति और साइज को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया।

वाइड लोकल एक्सीजन तकनीक से ट्यूमर को हटाया गया।

कोई बड़ा निशान (scar) नहीं छोड़ा गया — मरीज का आत्मविश्वास भी सलामत रहा।

ऑपरेशन के बाद युवती पूरी तरह स्वस्थ और अस्पताल से डिस्चार्ज।

भरोसे की मिसाल बनता सरकारी अस्पताल

अस्पताल के डीन डॉ. विवेक चौधरी और सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. मंजू सिंह ने बताया कि ये सफलता न सिर्फ चिकित्सा टीम की दक्षता को दर्शाती है, बल्कि यह भी प्रमाणित करती है कि सरकारी अस्पतालों में इलाज सिर्फ सुलभ और सस्ता नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय भी है।

जनरल सर्जरी विभाग की ओपीडी में चल रहे ब्रेस्ट क्लीनिक में हर महीने 300–400 केस देखे जाते हैं, और जरूरत अनुसार सर्जरी भी की जाती है — जिसमें अब ब्रेस्ट रीडक्शन सर्जरी जैसी आधुनिक प्रक्रियाएं भी शामिल हैं।

चिकित्सा टीम

डॉ. मंजू सिंह, डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. मनीष साहू, डॉ. कृतिका, डॉ. तपिश,
एनेस्थीसिया से: डॉ. प्रतिभा शाह, डॉ. मंजुलता टंडन

यह पहला मौका नहीं है — इससे पहले भी यहां दक्षिण अफ्रीका की एक युवती का सफल ऑपरेशन किया जा चुका है। यह सिलसिला बताता है कि अब विदेशी मरीज भी भारत के सरकारी अस्पतालों पर भरोसा जता रहे हैं।

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