अमेरिका की हेकड़ी का अंत! ईरान ने होर्मुज की खाड़ी में कसा शिकंजा, वॉशिंगटन में मची भारी खलबली

मध्य पूर्व की रणभूमि में खुद को ‘सुपरपावर’ बताने वाले अमेरिका की हेकड़ी की धज्जियां उड़ती दिख रही हैं। 08 अगस्त को सामने आई ताजा वैश्विक रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने होर्मुज की जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अपनी रणनीतिक घेराबंदी इतनी सख्त कर दी है कि अमेरिकी नौसेना के पसीने छूट रहे हैं। तेहरान ने साफ रणनीति बना ली है कि वह वॉशिंगटन के साथ किसी भी जल्दबाजी में समझौता नहीं करेगा, बल्कि अमेरिका को लंबे समय तक युद्ध के दलदल में घसीट कर उसकी आर्थिक और राजनीतिक कमर तोड़ेगा।
ईरान के इस आक्रामक रुख ने अमेरिकी प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। होर्मुज से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान की पैनी नजर और सख्त शर्तों ने अमेरिका को अलग-थलग डाल दिया है। तेहरान के कड़े फैसलों के कारण वैश्विक तेल बाजारों में खलबली मच गई है और अमेरिकी राष्ट्रपति को घरेलू राजनीति में चौतरफा घेराबंदी का सामना करना पड़ रहा है। ईरान के रक्षा विश्लेषकों का सीधा संदेश है कि यदि अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र से अपने पैर पीछे नहीं खींचे, तो उसे ऐसा आर्थिक और सैन्य नुकसान उठाना पड़ेगा जिसकी भरपाई दशकों तक संभव नहीं होगी।
अमेरिकी युद्धपोतों की गश्त के बावजूद ईरानी मिसाइल और ड्रोन बल खाड़ी में पूरी धमक के साथ सीना ताने खड़े हैं। अमेरिकी सेना की कोई भी खोखली धमकी अब काम नहीं आ रही है। ईरान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अमेरिका के थोपे गए किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। वॉशिंगटन की इस नाकामी ने साबित कर दिया है कि मध्य पूर्व में अब अमेरिका का एकतरफा हुकूमती दौर पूरी तरह समाप्त हो चुका है और ईरान ने अमेरिका की हर सैन्य चाल को नाकाम कर दिया है।




