Chhattisgarh Junior Doctors Indefinite Strike Controversy

अस्पताल ठप, मरीज बेहाल: जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल पर सरकार की सांसें अटकीं!

छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ और डॉक्टरों के उग्र तेवरों के बीच बड़ा घमासान छिड़ गया है। लंबे समय से स्टाइपेंड और अनिवार्य बॉन्ड नीति में ढील देने की मांग कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने आज 21 सितंबर से बेमियादी हड़ताल का ऐलान कर पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा दिया।

स्वास्थ्य मंत्री के साथ देर रात हुई आपातकालीन दौर की बैठकों के बाद डॉक्टरों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को 7 दिनों के लिए टालने का फैसला भले ले लिया हो, लेकिन प्रतीकात्मक विरोध और काले फीते बांधकर काम करने की जिद अब भी जारी है।

आम जनता का आरोप है कि डॉक्टर अपनी मांगों के नाम पर गरीब मरीजों को ढाल बना रहे हैं, वहीं डॉक्टरों का गुस्सा है कि सरकार बार-बार सिर्फ आश्वासन का झुनझुना थमा रही है। अस्पतालों में व्यवस्था चरमराने की कगार पर है और जनता पिस रही है।

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