सहकारिता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत, 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को 162 करोड़ की प्रोत्साहन राशि

रायपुर। प्रदेश में सहकारिता को ग्रामीण विकास और किसानों की आर्थिक मजबूती का प्रमुख आधार बनाते हुए राज्य सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकारी सप्ताह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गठित सहकारिता मंत्रालय ने देश में “सहकार से समृद्धि” के लक्ष्य को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सहकारिता के माध्यम से किसानों, वनवासियों, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने संग्रहण वर्ष 2023 के 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए 162 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि के वितरण का शुभारंभ किया। साथ ही उत्कृष्ट सहकारी समितियों को सहकार प्रेरणा पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान परिवार से होने के कारण उनका सहकारिता से पुराना जुड़ाव रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने कृषि के साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, वनोपज और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी सहकारिता को मजबूत किया है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पहले किसानों को खेती के लिए 16 से 18 प्रतिशत ब्याज पर ऋण लेना पड़ता था, जबकि अब सहकारिता व्यवस्था और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस वर्ष प्रदेश के 15 लाख से अधिक किसानों को 8 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का ऋण वितरित किया गया है।
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मंत्रालय के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर 29 जून से 6 जुलाई तक सहकारिता सप्ताह के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1352 नई सहकारी समितियों का गठन किया गया है, जिससे हर पंचायत तक सहकारिता का विस्तार हो सके।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया, जिससे किसानों का पंजीयन पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी होगा। उन्होंने विभिन्न सहकारी संस्थाओं के स्टॉलों का अवलोकन किया, पांच नई पैक्स समितियों को माइक्रो एटीएम वितरित किए, छत्तीसगढ़ हर्बल्स के पांच नए उत्पाद लॉन्च किए तथा महिला स्व-सहायता समूहों, वन-धन समितियों और अन्य हितग्राहियों को लाभांश, सामग्री, प्रोत्साहन राशि और केसीसी ऋण भी वितरित किए।




