एकलव्य विद्यालयों में सुविधाओं की एकरूपता पर जोर, छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में हासिल किया दूसरा स्थान

आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित टीआरटीआई के सभाकक्ष में आदिम जाति कल्याण आवासीय एवं आश्रम शैक्षणिक संस्थान समिति के संचालक मंडल की बैठक आयोजित हुई। बैठक में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के संचालन, शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
मंत्री रामविचार नेताम ने एकलव्य विद्यालयों में गणवेश, मेस संचालन, भोजन व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं में एकरूपता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल के साथ गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिलनी चाहिए।
बैठक में नेस्ट्स और राज्य सरकार के भर्ती नियमों के अनुरूप योग्यता रखने वाले एकलव्य विद्यालयों के पूर्व अतिथि शिक्षकों को दोबारा अवसर देने के विषय पर भी सहमति बनी।
बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं। वहीं नवंबर 2025 में ओडिशा के सुंदरगढ़ में आयोजित एकलव्य विद्यालयों की चौथी राष्ट्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के 466 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया था। प्रदेश ने इस प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया। खिलाड़ियों ने 55 स्वर्ण पदक सहित कुल 126 पदक अपने नाम किए।
मंत्री नेताम ने इस उपलब्धि के लिए विद्यार्थियों, प्रशिक्षकों और अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने टीआरटीआई द्वारा प्रकाशित ‘गुमनाम जननायक’ पुस्तक का विमोचन भी किया।
इस दौरान शहीद वीरनारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सह स्मारक में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अंबिका ध्रुव के नगर सैनिक के रूप में चयनित होने पर उनका सम्मान किया गया।
बैठक में विभाग के सचिव भुवनेश यादव, आयुक्त राहुल वेंकट, टीआरटीआई की संचालक हिना अनिमेष नेताम, संचालक मंडल के सदस्य और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।




