दृष्टि नहीं, हौसला बना जयमंती की ताकत, तकनीक के सहारे शिक्षक बनने का सपना होगा साकार

मजबूत इरादों के सामने कठिनाइयां भी रास्ता छोड़ देती हैं। जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड के ग्राम गोरिया की शत-प्रतिशत दृष्टिबाधित छात्रा जयमंती खेस ने अपनी दृष्टिबाधा को कभी शिक्षा की राह में बाधा नहीं बनने दिया। उच्च शिक्षा हासिल कर शिक्षक बनने का सपना देख रही जयमंती की पढ़ाई को अब तकनीक का मजबूत सहारा मिला है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज ग्राम बगिया स्थित अपने निवास पर जयमंती को विशेष सॉफ्टवेयर युक्त लैपटॉप प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
जयमंती वर्तमान में डिग्री गर्ल्स कॉलेज, रायपुर में बीए अंतिम वर्ष की छात्रा हैं। दृष्टिबाधा के बावजूद शिक्षा के प्रति उनकी लगन और आगे बढ़ने का जज्बा मजबूत है। लैपटॉप मिलने से डिजिटल अध्ययन सामग्री तक उनकी पहुंच आसान होगी और वे आधुनिक तकनीक की मदद से अपनी पढ़ाई अधिक सुगमता से जारी रख सकेंगी।
लैपटॉप मिलने पर जयमंती के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह लैपटॉप उनकी पढ़ाई में बेहद उपयोगी साबित होगा। इससे अध्ययन सामग्री तक पहुंच आसान होगी और उच्च शिक्षा के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
“शिक्षक बनना चाहती हूं”, जयमंती के जवाब से खुश हुए मुख्यमंत्री
लैपटॉप प्रदान करते समय मुख्यमंत्री साय ने जयमंती से आत्मीय बातचीत की और उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पूछा, “आगे क्या बनना चाहती हो?” जयमंती ने आत्मविश्वास से जवाब दिया, “शिक्षक बनना चाहती हूं।”
जयमंती का लक्ष्य जानकर मुख्यमंत्री ने उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं। पूरी लगन से पढ़ाई करें और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर आगे बढ़ती रहें। मुख्यमंत्री ने कहा कि दृढ़ संकल्प और परिश्रम से जीवन की कठिन से कठिन चुनौती को पार कर सपनों को साकार किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें, इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। दिव्यांग विद्यार्थियों को उनकी जरूरत के अनुरूप संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराकर उन्हें शिक्षा एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।
जनदर्शन में रखी थी लैपटॉप की जरूरत
जयमंती ने पढ़ाई को सुगम बनाने के लिए कलेक्टर जनदर्शन में लैपटॉप उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। उनकी आवश्यकता और शिक्षा के प्रति लगन को देखते हुए कलेक्टर ने समाज कल्याण विभाग को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद समाज कल्याण विभाग ने जयमंती की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सहायक सॉफ्टवेयर युक्त लैपटॉप तैयार कराया। मुख्यमंत्री साय ने स्वयं यह लैपटॉप जयमंती को प्रदान किया। जनदर्शन में रखी गई उनकी जरूरत अब शिक्षा के सपने को आगे बढ़ाने का माध्यम बन गई है।
तकनीक बनेगी पढ़ाई का मजबूत सहारा
समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के अनुसार लैपटॉप में विशेष सहायक सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया गया है। इसकी मदद से स्क्रीन पर मौजूद सामग्री को आवाज के माध्यम से सुना और समझा जा सकेगा।
इस सुविधा के जरिए जयमंती डिजिटल पुस्तकें, नोट्स और अन्य शैक्षणिक सामग्री का आसानी से उपयोग कर सकेंगी। इससे उनकी उच्च शिक्षा की राह सुगम होने के साथ डिजिटल माध्यमों से स्वतंत्र रूप से अध्ययन करने की क्षमता भी बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री से मिले प्रोत्साहन और तकनीक के इस सहयोग ने जयमंती के शिक्षक बनने के सपने को नई ऊर्जा दी है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि अवसर, संसाधन और प्रोत्साहन मिलें तो शारीरिक चुनौतियां प्रतिभा और सपनों की उड़ान को रोक नहीं सकतीं।



