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डिजिटल धान खरीदी से बदली किसानों की तस्वीर, ‘तुंहर टोकन’ बना भरोसे का माध्यम

Digital paddy procurement has transformed farmers' lives, with 'Tumhar Token' becoming a trusted medium.

रायपुर। राज्य सरकार की ओर से धान उपार्जन केंद्रों में लागू की गई डिजिटल और पारदर्शी खरीदी व्यवस्था ने प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत दी है। आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से धान बेचने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं ज्यादा आसान, सुगम और भरोसेमंद हो गई है। इसका सीधा लाभ किसानों को सम्मानजनक और तनावमुक्त अनुभव के रूप में मिल रहा है।

प्रदेशभर में किसान ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे ही 24×7 धान विक्रय के लिए टोकन हासिल कर रहे हैं। इससे उपार्जन केंद्रों में भीड़ और लंबा इंतजार खत्म हुआ है। किसानों का समय, मेहनत और अतिरिक्त खर्च बच रहा है, वहीं पूरी व्यवस्था पारदर्शिता के साथ किसान-हितैषी साबित हो रही है।

सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड की ग्राम पंचायत पोड़ी खुर्द के किसान राजू लाल टेकाम ने इस व्यवस्था की जमकर सराहना की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अच्छी बारिश के कारण धान की पैदावार बेहतर हुई है और उनके पास करीब 100 क्विंटल धान उपलब्ध है। ‘तुंहर टोकन’ ऐप के माध्यम से उन्होंने 50 क्विंटल धान के लिए आसानी से टोकन प्राप्त किया।

निर्धारित तिथि पर शिवपुर धान उपार्जन केंद्र पहुंचते ही गेट पास, नमी परीक्षण और बारदाना की प्रक्रिया तुरंत पूरी हो गई। किसी तरह की रुकावट नहीं आई और धान विक्रय सहज रूप से संपन्न हुआ। केंद्र में पेयजल, छाया और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था भी मौजूद रही।

किसान टेकाम ने बताया कि सरकार की ओर से धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य मिल रहा है और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक खरीदी की जा रही है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ी है और वे अब धान के साथ गेहूं, तिलहन और सब्जी जैसी अन्य फसलों की खेती की ओर भी अग्रसर हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि नई धान खरीदी व्यवस्था ने किसानों का भरोसा मजबूत किया है और खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने में अहम भूमिका निभाई है।