राजधानी दिल्ली के उच्च-सुरक्षा क्षेत्र जंतर-मंतर और चुनाव आयोग मुख्यालय के बाहर आज सुबह से भारी राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SSR) और वोटर लिस्ट से बड़े पैमाने पर नाम गायब होने का आरोप लगाते हुए छात्रों और नागरिक अधिकारों के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की जोरदार मांग की है।
दिल्ली पुलिस ने इस उग्र प्रदर्शन को कुचलने के लिए तुरंत ऐक्शन लेते हुए ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा और सीजेपी नेता अभिजीत दीपके समेत दर्जनों युवाओं को एहतियातन हिरासत में ले लिया। हालांकि नेहा बोरा को औपचारिक प्रक्रियाओं के बाद रिहा कर दिया गया, लेकिन अभिजीत दीपके को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की तैयारी है। विपक्ष ने सरकार और चुनाव आयोग पर लोकतंत्र का गला घोटने और लोकतांत्रिक आवाज उठाने वालों को जेल भेजने का सीधा और गंभीर आरोप मढ़ा है। वहीं, सत्ता पक्ष का साफ कहना है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में उपद्रव और अशांति किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस घटना के बाद दिल्ली की प्रशासनिक सीमा पर तनाव अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गया है।






