बड़ी खबरेंदेश

एक ही मंच पर हाथ पकड़कर झूमते नजर आए गहलोत और पायलट, क्या भारत जोड़ो यात्रा ने जोड़ा इनका भी दिल ?

भारत जोड़ो यात्रा

कहते हैं कि राजनीति में सब जायज है सालों पुरानी दुश्मनी भूलकर राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे के साथ कभी गठबंधन कर लेती हैं तो कोई नेता किसी पार्टी में रहते हुए जब विपक्षी पार्टि को कोसता है तब एक दिन वह उसी विपक्षी पार्टी का दामन थामकर उसके लिए अपने मुंह से फूल झदाता है यह सब शुरुआत से ही होता आया है फिर यहां तो बात एक ही पार्टी के दो धड़ों की ठहरी।

हम बात कर रहे हैं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और दूसरे बड़े नेता सचिन पायलट की जिनके बीच का विवाद किसी से छुपा नहीं है कई बार तो उनकी वजह से राजस्थान कांग्रेस में सिरफुटववल तक की नौबत आई। इन्होंने एक दूसरे पर संगीन आरोप लगाए। गद्दार शब्द इन दोनों के बीच बड़ा ट्रेंड हुआ। लेकिन अब लग रहा है कि राहुल गांधी की यात्रा ने इन दोनों का भी दिल जोड़ दिया है ।

दरअसल मध्यप्रदेश में अपनी यात्रा का पड़ाव पार करने के बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में भारत जोड़ो यात्रा झालावाड़ जिले के रास्ते राजस्थान में एंट्री कर चुकी है। रविवार को यात्रा चंवली चौराहे पर ही रुकी रही। यहीं राजस्थान की ओर से स्वागत कार्यक्रम रखा गया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस नेता सचिन पायलट भी स्वागत समारोह में शामिल हुए।

सहरिया नृत्य जब मंच पर हो रहा था, राहुल गांधी अचानक मंच पर नृत्य करने पहुँच गए तो पीछे-पीछे गहलोत और पायलट भी पहुँच गए। आपसी विवाद की तमाम खटास को दबाते हुए पायलट और गहलोत ने मंच पर एक-दूसरे का हाथ पकड़कर डांस किया। इन दोनों को मंच पर यूं एक साथ हाथ पकड़कर झूमते देखकर किसी को लग ही नहीं रह था कि इनके बीच कभी मतभेद से शुरू हुआ विवाद मनभेद तक भी था। आपसी विवाद को इन्होनें मंच पर ज़रा भी ज़ाहिर नहीं होने दिया, और मंच पर एक दूसरे का साथ देते नजर आए।

आपको बता दें कि राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा का शेड्यूल निर्धारित करते समय कांग्रेस आलाकमान को यह बड़ी टेंशन थी कि गहलोत-पायलट विवाद का असर इस यात्रा पर ना हो। मगर लग रहा है कि कांग्रेस ने इसे बखूबी मैनेज कर लिया है। बीते दिनों राहुल गांधी ने भी यह संकेत दिया था कि पायलट-गहलोत के विवाद का भारत जोड़ो यात्रा पर कोई असर नहीं पड़ेगा अब उनकी बात चरितार्थ होती हुई नजर भी आई।

वैसे अभी तो यह सिर्फ शुरुआत है क्योंकि अभी काफी दिनों तक यात्रा राजस्थान में रहने वाली है। क्योंकि अभी विभिन्न कार्यक्रम राजस्थान में कांग्रेस के निर्धारित है जिसमें सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट कई बार एक-दूसरे के आमने-सामने होंगे। मगर क्या तब भी उनका यही रवैया रहता है या फिर जो तल्खी है वह एक बार फिर सतह पर आ सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button