छत्तीसगढ़ न्यूज़ | Fourth Eye News

पीएम-किसान सम्मान निधि बनी किसान पालमन का बड़ा सहारा: समय पर खाद-बीज जुटाने में मिल रही आर्थिक मदद

खेतों में लहलहाती फसल सिर्फ किसान के पसीने का नतीजा नहीं होती, बल्कि सही वक्त पर खाद, बीज और कृषि साधनों की उपलब्धता भी उतनी ही जरूरी होती है। खेती-किसानी के बदलते दौर और हर चरण में होने वाले खर्चों के बीच जब समय पर सरकारी मदद मिलती है, तो किसान को बहुत बड़ी राहत मिलती है। ग्राम सिरौली के किसान पालमन के लिए ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ कुछ ऐसा ही संबल बनकर उभरी है। सीधे खाते में आने वाली यह राशि उनकी खेती की छोटी-बड़ी जरूरतों को समय पर पूरा करने में मददगार साबित हो रही है।

‘सेवा संकल्प अभियान 2026’ के तहत जन-जन तक पहुंच रही सरकारी योजनाओं के सकारात्मक असर की कहानियां उजागर की जा रही हैं। इसी कड़ी में सिरौली के पालमन की यह आपबीती बताती है कि डीबीटी के जरिए सीधे बैंक खाते में पहुंचने वाली सहायता राशि किस तरह ऐन वक्त पर किसान के काम आती है।

मौसम के साथ बदलती जरूरतें और आर्थिक संबल किसान पालमन का कहना है कि खेती में हर मौसम के साथ नए खर्च सामने आ खड़े होते हैं। बुआई के समय बीज खरीदना हो, या फिर फसलों के लिए समय पर खाद और अन्य कृषि सामग्री जुटाना—किसान को हर चरण में पैसों की दरकार होती है। ऐसे में पीएम-किसान निधि से मिलने वाली राशि बेहद काम आती है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता 2-2 हजार रुपये की तीन किस्तों में सीधे डीबीटी (DBT) के जरिए बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे किसान अपनी जरूरत के हिसाब से बिना किसी देरी के इसका उपयोग कर पाते हैं।

बिना भाग-दौड़, सीधे खाते में राहत पालमन बताते हैं कि खेती-किसानी में कई ऐसे गैर-टालने योग्य खर्च होते हैं, जिन्हें रोका नहीं जा सकता। अगर वक्त पर खाद और बीज न मिले, तो पूरी फसल प्रभावित हो सकती है। सम्मान निधि का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पैसा बिना किसी बिचौलिए या लंबी कागजी प्रक्रिया के सीधे बैंक खाते में आता है। हालांकि यह राशि खेती के पूरे बजट के लिए भले काफी न हो, लेकिन जरूरत के कठिन समय में मिलने वाला यह सहारा किसान के लिए बेहद कीमती साबित होता है।

बढ़ा भरोसा, किसान ने जताया आभार कृषि पर आश्रित परिवारों के लिए हर एक रुपये का हिसाब मायने रखता है। पालमन के लिए यह योजना खाद, बीज और कृषि सामग्री की खरीदारी में संबल बनी है। इससे न सिर्फ कृषि कार्य समय पर पूरे हो रहे हैं, बल्कि परिवार को भी आर्थिक तनाव से मुक्ति मिल रही है। योजना का निरंतर लाभ मिलने पर किसान पालमन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दिल से आभार व्यक्त किया।

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान 2026’ का मकसद भी यही है कि जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आ रहे वास्तविक बदलावों को सामने लाया जा सके। सिरौली गांव के पालमन की यह कहानी उसी सुखद बदलाव की एक बानगी है।

ये खबर भी पढ़ें —:

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button