चीन की चाल पर भारत का पलटवार! जापान के साथ खड़ा हुआ नई दिल्ली, ड्रैगन को सीधा संदेश

भारत और जापान ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने का फैसला किया है। 20 अगस्त को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी के बीच बैठक हुई। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा सहयोग, सूचना साझा करने, संयुक्त अभ्यास, नौसैनिक लॉजिस्टिक्स और जहाज मरम्मत जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों देशों ने समुद्री क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने और स्वतंत्र एवं खुले हिंद-प्रशांत की दिशा में सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया।
भारत और जापान का यह बढ़ता रक्षा सहयोग ऐसे समय में सामने आया है जब चीन की गतिविधियों को लेकर क्षेत्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है। हाल के दिनों में अरुणाचल प्रदेश से जुड़े सीमा विवाद को लेकर भी भारत और चीन के बीच तनाव की खबरें सामने आई हैं। एक रिपोर्ट में अरुणाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भारतीय सेना की गश्त से जुड़े आरोपों का उल्लेख किया गया है, जबकि चीन ने सीमा की स्थिति को सामान्य बताया है।
भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि सीमा पर शांति और स्थिरता भारत-चीन संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। नई दिल्ली ने सीमा से जुड़े घटनाक्रमों को गंभीरता से लेने की बात कही है।
जापान के साथ बढ़ता रक्षा और समुद्री सहयोग हिंद-प्रशांत में भारत की रणनीतिक भूमिका को मजबूत करता दिखाई दे रहा है। दोनों देशों के बीच सहयोग में समुद्री निगरानी, संयुक्त अभ्यास और रक्षा तकनीक जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं।
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