हॉकी विश्व कप में आज भारत का अभियान शुरू, वेल्स से मुकाबला; 51 साल बाद खिताब की तलाश

नई दिल्ली। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के दिन भारतीय पुरुष हॉकी टीम एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 में अपने अभियान की शुरुआत करेगी। भारत का पहला मुकाबला वेल्स के खिलाफ है। बेल्जियम और नीदरलैंड्स की मेजबानी में आयोजित हॉकी विश्व कप 15 अगस्त से शुरू हो रहा है और भारतीय टीम पूल डी में अपने अभियान की शुरुआत करेगी।
भारतीय टीम की कमान हरमनप्रीत सिंह के हाथों में है। टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती विश्व कप में लंबे समय से चले आ रहे खिताबी सूखे को खत्म करने की है। भारत ने पुरुष हॉकी विश्व कप का अपना पिछला खिताब 1975 में जीता था। इसके बाद से टीम इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में खिताब हासिल नहीं कर सकी है।
हॉकी इंडिया के अनुसार भारत 1975 के बाद पहली बार विश्व कप खिताब को वापस हासिल करने की कोशिश करेगा। 1975 में कुआलालंपुर में भारत ने ऐतिहासिक खिताब जीता था। उस टीम की अगुआई कप्तान अजीत पाल सिंह ने की थी। अब 51 साल बाद भारतीय टीम नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के साथ उसी इतिहास को दोहराने की कोशिश में उतरेगी।
2026 विश्व कप का आयोजन बेल्जियम और नीदरलैंड्स में हो रहा है। टूर्नामेंट में भारत के साथ पूल डी में वेल्स, इंग्लैंड और पाकिस्तान शामिल हैं। भारत और पाकिस्तान का मुकाबला भी इसी पूल में निर्धारित है।
15 अगस्त को भारत और वेल्स के मुकाबले के अलावा पाकिस्तान और इंग्लैंड भी आमने-सामने होंगे। मेजबान बेल्जियम और मौजूदा चैंपियन जर्मनी भी अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों के साथ विश्व कप का रोमांच शुरू हो जाएगा।
भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला इसलिए भी अहम है क्योंकि विश्व कप के पहले मैच से ही अभियान की दिशा तय होगी। हॉकी इंडिया की ओर से जारी टीम प्रीव्यू में कहा गया कि भारतीय टीम के सामने इतिहास का दबाव जरूर है, लेकिन टीम को अतीत के बजाय मैदान पर वर्तमान प्रदर्शन पर ध्यान देना होगा। कप्तान हरमनप्रीत सिंह और उनकी टीम के सामने इतिहास को प्रेरणा में बदलने की चुनौती है।
2026 का हॉकी विश्व कप 15 से 30 अगस्त तक आयोजित किया जा रहा है। टूर्नामेंट के मुकाबले बेल्जियम और नीदरलैंड्स में खेले जाएंगे। भारत की शुरुआत वेल्स के खिलाफ मुकाबले से होगी और इसके बाद पूल डी के अन्य मुकाबले भारतीय टीम के अभियान को आगे बढ़ाएंगे।
देश जब स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, उसी दिन भारतीय हॉकी टीम विश्व कप की चुनौती लेकर मैदान में उतरेगी। 1975 के बाद खिताब का इंतजार कर रहे भारतीय हॉकी प्रशंसकों की नजरें अब हरमनप्रीत सिंह की टीम पर हैं।



