कृष्ण जन्माष्टमी 2026: इस बार लड्डू गोपाल के पूजन का दुर्लभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त

(Fourth Eye News): भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि को संपूर्ण विश्व में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। मथुरा और वृंदावन समेत देश के तमाम बड़े मंदिरों में जन्माष्टमी की तैयारियां जोरों पर हैं।
रोहिणी नक्षत्र और अर्धरात्रि पूजन का महत्व
शास्त्रों के अनुसार द्वापर युग में भगवान विष्णु ने रोहिणी नक्षत्र में भाद्रपद अष्टमी की मध्यरात्रि (12 बजे) कृष्ण रूप में अवतार लिया था। इसलिए जन्माष्टमी की पूजा मध्यरात्रि में ही की जाती है।
लड्डू गोपाल की सेवा कैसे करें?
पंचामृत से स्नान: मध्यरात्रि में लड्डू गोपाल का दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (पंचामृत) से अभिषेक करें।
माखन-मिश्री का भोग: श्री कृष्ण को माखन-मिश्री और धनिया पंजीरी का भोग लगाएं।
तुलसी दल आवश्यक: भगवान कृष्ण के किसी भी भोग में तुलसी का पत्ता अवश्य रखें, इसके बिना भोग स्वीकार्य नहीं माना जाता।



