मरवाही को मिला हाईटेक सिविल कोर्ट भवन का तोहफा, पेंड्रारोड में बनेंगे न्यायिक कर्मचारियों के 26 आधुनिक आवास

रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले को न्यायिक अधोसंरचना की बड़ी सौगात दी है। वर्चुअल माध्यम से मरवाही में अत्याधुनिक सिविल कोर्ट भवन और पेंड्रारोड में न्यायिक कर्मचारियों के लिए सर्वसुविधायुक्त आवासीय परिसर का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया गया।
इस पहल से जिले में न्यायिक सेवाएं और अधिक सुगम, व्यवस्थित तथा प्रभावी होंगी। कार्यक्रम में उच्च न्यायालय की पोर्टफोलियो जज रजनी दुबे भी ऑनलाइन शामिल हुईं। न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों की मौजूदगी में यह महत्वपूर्ण आयोजन संपन्न हुआ।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने कहा कि राज्य के जिला एवं बाह्य न्यायालयों को आधुनिक और बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध कराना उच्च न्यायालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। बेहतर भवन और आधुनिक सुविधाएं न केवल न्यायिक अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाती हैं, बल्कि आम नागरिकों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण न्याय दिलाने में भी अहम भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग, जिला प्रशासन और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को निर्देश दिए कि दोनों परियोजनाओं का निर्माण तय समयसीमा में उच्च गुणवत्ता और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए।
मरवाही में बनेंगे आधुनिक सुविधाओं वाले कोर्ट भवन
मरवाही में प्रस्तावित नए सिविल कोर्ट भवन में दो आधुनिक कोर्ट रूम, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम, कॉन्फ्रेंस हॉल, लाइब्रेरी और अधिवक्ताओं व पक्षकारों के लिए आवश्यक सुविधाएं होंगी। महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर रूम की भी व्यवस्था की जाएगी।
पेंड्रारोड में तैयार होगा आधुनिक आवासीय परिसर
पेंड्रारोड में न्यायिक कर्मचारियों के लिए 26 नए आवास बनाए जाएंगे। इनमें 8 जी-टाइप, 10 एच-टाइप और 8 आई-टाइप आवास शामिल होंगे। यह परिसर सुरक्षा, आधुनिक सुविधाओं और बेहतर आवासीय वातावरण से सुसज्जित रहेगा।
कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महेशबाबू साहू, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित कई प्रशासनिक एवं न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे। प्रदेशभर के न्यायाधीश, रजिस्ट्रार अधिकारी, अधिवक्तागण और मीडिया प्रतिनिधि भी वर्चुअल रूप से कार्यक्रम से जुड़े।



