मंत्री राजेश अग्रवाल ने सुनी जनता की आवाज, समस्याओं पर अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश

मंत्रालय, नवा रायपुर स्थित कार्यालय में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों और आगंतुकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याएं, अपेक्षाएं और सुझाव ध्यानपूर्वक सुने तथा संबंधित मामलों की जानकारी ली।
मुलाकात के दौरान नागरिकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और आवश्यकताओं से मंत्री को अवगत कराया। राजेश अग्रवाल ने प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का नियमानुसार परीक्षण कर यथासंभव जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए। जिन मामलों में दूसरे विभागों से समन्वय की जरूरत है, वहां संबंधित विभागों के साथ तालमेल कर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि सरकार की योजनाओं और नीतियों का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए जनता के साथ निरंतर संवाद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करता है।
उन्होंने कहा, “जनता से जुड़े रहना और उनकी बात सुनना ही सुशासन की पहली सीढ़ी है।” आम नागरिकों की शिकायतों और सुझावों को संवेदनशीलता के साथ लेते हुए समयबद्ध कार्रवाई करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मंत्री से मुलाकात करने पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याओं को गंभीरता से सुने जाने और समाधान की दिशा में पहल किए जाने पर संतोष जताया। इस दौरान लोगों ने क्षेत्रीय विकास, जनहित और अन्य आवश्यकताओं से जुड़े सुझाव भी साझा किए।
राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में जनभागीदारी की अहम भूमिका है। जनता के सुझावों और अनुभवों से शासन को जमीनी जरूरतों को समझने में मदद मिलती है। सरकार जनहित से जुड़े विषयों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।




