छत्तीसगढ़ कैबिनेट के 3 बड़े फैसले! अतिथि व्याख्याताओं से लेकर पूर्व अग्निवीरों तक बड़ा ऐलान

छत्तीसगढ़ सरकार की मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों और राजकीय विश्वविद्यालयों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी है। इनमें अतिथि व्याख्याता नीति में संशोधन, फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री करने संबंधी आदेश का अनुसमर्थन और पूर्व अग्निवीर सैनिकों के लिए आरक्षण लागू करने से जुड़े भर्ती नियमों को मंजूरी शामिल है।
अतिथि व्याख्याता नीति में बदलाव
मंत्रिपरिषद ने शासकीय महाविद्यालयों में लागू अतिथि व्याख्याता नीति-2024 में प्रशासकीय अनुमोदन के बाद जारी संशोधित नीति-2026 का कार्योत्तर अनुमोदन किया। नई व्यवस्था में मेरिट सूची में समान अंक प्राप्त करने वाले एक ही श्रेणी के दो अभ्यर्थियों में छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी को प्राथमिकता दी जाएगी।
इसके अलावा अनुभव के अधिकतम 30 अंकों में अब राजकीय विश्वविद्यालय में एक शैक्षणिक सत्र में कम से कम 5 महीने अध्यापन करने पर 5 अंक दिए जाएंगे। विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं को रिक्त पदों पर पुनर्नियोजन का अवसर देने और मानदेय व्यवस्था में भी बदलाव का फैसला किया गया है। अब कालखंड आधारित व्यवस्था के स्थान पर कार्य-दिवस आधारित मानदेय लागू किया जाएगा।
‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री करने के आदेश का अनुमोदन
10 सितंबर 2026 को फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री किए जाने की घोषणा के बाद सिनेमाघरों को राज्य माल एवं सेवा कर (SGST) के समतुल्य राशि की प्रतिपूर्ति करने के लिए वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जारी आदेश का मंत्रिपरिषद ने अनुसमर्थन किया।
पूर्व अग्निवीरों के लिए भर्ती नियम मंजूर
पूर्व अग्निवीर सैनिकों के लिए राज्य की सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी पदों में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है। इसका लाभ पुलिस विभाग में आरक्षक, वन विभाग में वनरक्षक और जेल विभाग में जेल प्रहरी के पदों पर मिलेगा।
अब इस आरक्षण को लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम, 2026 को भी मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दे दी है। इन नियमों में नियुक्ति, सेवा शर्तें, भर्ती मापदंड, आरक्षण और चयन प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है।



