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मुंबई : हरे निशान में खुले शेयर बाजार

मुंबई : देश के शेयर बाजारों के शुरुआती कारोबार में सोमवार को मजबूती का रुख है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.51 बजे 79.40 अंकों की मजबूती के साथ 34,994.78 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 26.85 अंकों की बढ़त के साथ 10,645.10 पर कारोबार करते देखे गए।

शेयर बाजारों के शुरुआती कारोबार में सोमवार को मजबूती का रुख है

बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 68.21 अंकों की मजबूती के साथ 34983.59 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 34.9 अंकों की बढ़त के साथ 10,653.15 पर खुला।

 2 ) मुंबई : 2 प्रतिशत सैलरी हाइक के ऑफर से नाराज बैंक एंप्लॉयीज 9 मई को करेंगे देशव्यापी प्रदर्शन

मुंबई : सरकारी बैंकों का बैड लोन संकट उनके स्टाफ के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है। उन्हें इस बार सबसे कम सैलरी हाइक से संतोष करना पड़ रहा है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने एंप्लॉयीज के लिए औसतन 2 प्रतिशत सैलरी हाइक का प्रस्ताव दिया है। इसकी वजह सरकारी बैंकों का बढ़ता एनपीए और प्रॉफिट में आ रही गिरावट है। आईबीए और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच सैलरी हाइक पर हुई बातचीत के बाद एंप्लॉयीज ने 9 मई को धरना-प्रदर्शन की घोषणा की है। इसके बाद दो दिन के हड़ताल की भी चेतावनी दी गई है।

इसकी वजह सरकारी बैंकों का बढ़ता एनपीए और प्रॉफिट में आ रही गिरावट है

ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के हेड एस नागराजन ने कहा, आईबीए ने पे स्लिप कंपोनेंट्स में दो पर्सेंट बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव दिया है। ज्यादा सैलरी हाइक की मांग के साथ 9 मई को देशभर में प्रदर्शन होगा। प्रस्तावित सैलरी हाइक में बेसिक सैलरी और एचआरए के अलावा दूसरे कंपोनेंट्स शामिल हैं। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई में छह एसोसिएट बैंकों के मर्जर के बाद देश में 21 पब्लिक सेक्टर बैंक रह गए हैं। इनमें कुल 8 लाख लोग काम कर रहे हैं।

प्रस्तावित सैलरी हाइक में बेसिक सैलरी और एचआरए के अलावा दूसरे कंपोनेंट्स शामिल हैं

पब्लिक सेक्टर बैंकों के स्टाफ की सैलरी हर पांच साल पर रिवाइज होती है। लेटेस्ट रिवीजन 1 नवंबर 2017 से लंबित है। इससे पहले मई 2015 में औसतन 15 प्रतिशत सैलरी हाइक पर सहमति बनी थी और यह नवंबर 2012 से प्रभावी माना गया था। सरकारी बैंकों में सैलरी हाइक उनके प्रॉफिट पर डिपेंड करता है। सरकारी बैंकों का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 2016-17 में 1.52 लाख करोड़ रुपये था जबकि उनको लगभग 1.7 लाख करोड़ रुपये की प्रोवजिनिंग करनी पड़ी। इस तरह सरकारी बैंकों को 2016-17 में लॉस उठाना पड़ा। नागराजन ने कहा, ऊंचे एनपीए के चलते हमें अच्छी सैलरी हाइक नहीं दी जा रही है। बैंक हमें वाजिब हाइक ऑफर नहीं कर रहे हैं।

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