अब किसान संगठनों के लिए चिंताजनक बनी ‘आंदोलन बनाम भाजपा’ की कहानी, कांग्रेस पार्टी से ‘दोस्ती’ का सच बताना होगा

किसान आंदोलन, केंद्र सरकार की कृषि नीतियों के खिलाफ है। सरकार अगर किसानों की मांग मान ले तो आंदोलन खत्म हो जाएगा। लेकिन किसान आंदोलन जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है, उसी रफ्तार से कुछ चुनौतियां भी आ खड़ी हुई हैं। ‘आंदोलन बनाम भाजपा’, किसान संगठनों के नेताओं के सामने यही पहली चुनौती है। इस कहानी का पर्दाफाश करना, किसान नेताओं के लिए चिंता का विषय बन चुका है।

दूसरा, कांग्रेस पार्टी से आंदोलन की ‘दोस्ती’, यह भी किसान नेताओं के लिए गले की फांस बना है। लोगों को सच्चाई से अवगत कराने के लिए प्रयास शुरू कर दिया गया है। एआईकेएससीसी के वरिष्ठ सदस्य अविक साहा कहते हैं, हमें इन दोनों चुनौतियों से पार पाना है। दूसरी कोई दिक्कत नहीं है, मगर ये दो बातें किसान आंदोलन को चिंता में डाल रही हैं।

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