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पूवर्ती में अब गोलियों की गूंज नहीं, बज रही शहनाई

Now there is no echo of bullets in Purvi, clarinets are ringing

रायपुर। छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल इलाकों से अब सुखद तस्वीरें निकलना शुरु हो गई हैं। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन के एक साल में नक्सल उग्रवाद के कदम पीछे हट रहे हैं, साथ ही नक्सल पीड़ित जिंदगी की नई शुरुआत करने की तरफ अपना पहला कदम बढ़ा चुकें हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सरकार के कार्यकाल में नक्सल प्रभावित गांव अब खुशहाल हो रहे हैं।

दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय के मेंढका डोबरा मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजनान्तर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम में जिलेभर के 220 वर वधु परिणय सूत्र में बंधे। इन्हीं में एक जोड़ा पूवर्ती गांव का है। पूवर्ती नक्सली हिड़मा और देवा का गांव है, सरकार बदलने के बाद अब पूवर्ती की तस्वीर बदल रही है। कैम्प खुलने के बाद पूवर्ती के लोग भयमुक्त जी रहे हैं और सरकार की योजनाएं उनका जीवन बदल रही है, जिसके कारण अब पूवर्ती में तैनात जवान ने एक नक्सल पीड़िता के साथ शादी रचाकर नई जीवन की शुरुआत की है। इन 220 जोड़ों में नियद नेल्ला नार गांव के दो जोड़ों ने भी सात जन्मों तक साथ रहने की कसम खाई है। छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय सरकार आने बाद नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई से ग्रामीणों का हौसला लगातार बढ़ रहा है।

प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार गांव, गरीब और किसानों के हित में अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। इन कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित होकर निर्धन परिवारों को विकास की ओर अग्रसर होने का अवसर मिल रहा है। दंतेवाड़ा जिले के दूरस्थ क्षेत्र में यह सामूहिक कन्या विवाह में आज 220 जोड़े दाम्पत्य सूत्र में बंधकर गृहस्थ जीवन में कदम रख रहे हैं। यह सब राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से फलीभूत हुआ है, जो सरकार की गरीब परिवारों की सेवा करने की कटिबद्धता को दर्शाता है। इसके अलावा महिला बाल विकास विभाग के मैदानी कर्मचारी भी बधाई के पात्र है जिन्होंने विभिन्न ग्रामों पारा, टोले, मोहल्लों से विवाह योग्य युवक-युवतियों का पंजीयन कर सामूहिक विवाह से लाभान्वित किया।

नियद नेल्ला नार ग्राम धुरली के दो जोड़े भी हुए सामूहिक विवाह से लाभान्वित
कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार एवं सप्तपदी के पावन वचनों को अंगीकार करने वाले जोड़ों में से दो जोड़े नियद नेल्ला नार ग्राम धुरली के निवासी थे। इनमें सुश्री सीमा भास्कर एवं सुदरी तेलाम भी शामिल थी। सीमा 10वीं पास है और नगर पालिका परिषद बड़े बचेली में कार्यरत है। सीमा का विवाह रेमष भास्कर के साथ हुआ जो कृषक है। इसी प्रकार सुंदरी तेलाम कामगार श्रमिक है, धन्नु कुंजाम भी कामगार श्रमिक है। दोनों नव विवाहितों ने शासन की इस योजना की तारीफ करते हुए इसे गरीब और जरूरतमंद के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना से न केवल हमें शादी के भारीभरकम खर्च से मुक्ति मिली है, बल्कि शादी के उपरांत कन्या के खाते में 35 हजार रूपये की राशि आने से शादी के बाद के खर्चों के लिए संबल भी मिलता है।