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कबीरधाम में गांव-गांव पहुंचे राजस्व समाधान शिविर, 52 मामलों का हुआ फौरन निपटारा

Revenue settlement camps reached every village in Kabirdham, 52 cases were settled immediately

कबीरधाम । जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड के सिल्हाटी गांव में एक खास पहल के तहत राजस्व समाधान शिविर आयोजित किया गया, जहां कुल 59 आवेदन आए और इनमें से 52 का मौके पर ही समाधान किया गया। यह शिविर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल के अनुरूप ग्रामीणों को उनके गांव में ही त्वरित और पारदर्शी राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

शिविर के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों, किसानों और महिलाओं से बातचीत कर इस योजना के लाभ समझाए। कबीरधाम जिला पूरे प्रदेश में पहला ऐसा जिला बन गया है, जहां 24 राजस्व निरीक्षक सर्किलों में एक साथ विशेष समाधान शिविर चलाए जा रहे हैं। यह शिविर 23 जुलाई से 29 अगस्त तक लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।

इस दौरान मोबाइल सेवा ‘समाधान रथ’ का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, जो कंप्यूटर, प्रिंटर, फोटोकॉपी मशीन और प्रशिक्षित कर्मचारियों से लैस है। यह सेवा लोक सेवा केंद्र से जुड़ी हुई है ताकि नामांतरण, खसरा, नक्शा, गिरदावरी, एग्रीस्टैक पंजीयन जैसे प्रकरण त्वरित रूप से पूरे किए जा सकें।

शिविर में सिर्फ राजस्व मामलों तक ही सीमित न रहकर आधार कार्ड, बैंक खाते, आयुष्मान कार्ड, स्वास्थ्य परीक्षण, और विद्यार्थियों के प्रमाण पत्र जैसे कई अन्य सेवाएं भी प्रदान की जा रही हैं। गाँव-गाँव तक शिविर की जानकारी कोटवारों द्वारा पहुंचाई जा रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें।

जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू ने इस कदम को आमजन के लिए क्रांतिकारी बताया और कहा कि इससे योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहा है और ग्रामीणों का समय व संसाधन दोनों बच रहे हैं।

शिविरों में मुख्य तौर पर नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, नक्शा बटांकन, और प्रमाण पत्रों के मामले प्रमुख रहे। 52 मामलों का समाधान ग्रामीणों की उपस्थिति में ही किया गया। मौके पर कलेक्टर गोपाल वर्मा, अपर कलेक्टर विनय पोयम, एसडीएम शिव साहू समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे शिविरों की नियमित मॉनिटरिंग करें और अधिक से अधिक लोगों तक सेवाएं पहुंचाएं।

आगे के शिविर कार्यक्रम भी जिले के विभिन्न हिस्सों में तय तारीखों पर आयोजित किए जाएंगे, जिससे सभी गांव-टाउन के लोग अपने-अपने स्थान पर राजस्व समस्याओं का समाधान ले सकें।