पांचवीं-आठवीं की केंद्रीकृत परीक्षा अनिवार्य, निजी स्कूलों पर सख्ती के निर्देश

रायपुर। जिले में शैक्षणिक सत्र 2025-26 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. के.वी. राव ने सेंट जेवियर स्कूल, बोईरदादर में अशासकीय शालाओं के प्राचार्यों की समीक्षा बैठक ली।
बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग, रायपुर द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत कक्षा पांचवीं और आठवीं की केंद्रीकृत वार्षिक परीक्षा के आयोजन और उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन पर विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि राज्य के सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त एवं माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों के विद्यार्थियों की इन परीक्षाओं में भागीदारी अनिवार्य होगी।
लोक शिक्षण संचालनालय की समय-सारणी के अनुसार कक्षा पांचवीं की परीक्षा 16 से 25 मार्च तक और कक्षा आठवीं की परीक्षा 17 मार्च से 6 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा संचालन की पूरी जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपी गई है।
समीक्षा बैठक में निजी विद्यालयों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध स्कूलों में केवल छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम और स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदत्त पुस्तकों से ही अध्यापन कराया जाए। वहीं सीबीएसई और अन्य बोर्ड से जुड़े विद्यालयों में सिर्फ एनसीईआरटी की पुस्तकों से पढ़ाई होगी। अन्य प्रकाशकों की किताबों से पढ़ाने पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही किसी भी स्कूल द्वारा पालकों को किसी एक दुकान से किताब, कॉपी, ड्रेस या अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा और न ही स्कूल परिसर में इन सामग्रियों की बिक्री की अनुमति होगी। शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित विद्यालय पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
बैठक में कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों की भी समीक्षा की गई। इस वर्ष जिले के लिए कक्षा 10वीं में 85 प्रतिशत और कक्षा 12वीं में 90 प्रतिशत परिणाम का लक्ष्य तय किया गया है। प्री-बोर्ड परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष मेंटर नियुक्त कर उन्हें मेरिट सूची में शामिल करने के निर्देश भी दिए गए।




