छत्तीसगढ़ न्यूज़ | Fourth Eye News

जनजातीय बालिकाओं को मिलेगा नेतृत्व और जीवन कौशल का प्रशिक्षण, सूरजपुर में शुरू हुई दो दिवसीय कार्यशाला

जनजातीय क्षेत्रों की बालिकाओं को शिक्षा के साथ आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और जीवन कौशल से सशक्त बनाने के उद्देश्य से जनजातीय एवं अनुसूचित जनजाति विकास विभाग ने नई पहल शुरू की है। विभाग द्वारा रूम टू रीड इंडिया के सहयोग से संचालित ‘प्रोजेक्ट सक्षम – शिक्षा, आत्मविश्वास एवं समानता’ के तहत सूरजपुर के कन्या शिक्षा परिसर में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई है।

कार्यशाला में सूरजपुर और कोरिया जिले के प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावासों की 29 अधीक्षिकाएं तथा 8 मंडल संयोजक भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्रावासों में अध्ययनरत कक्षा 6वीं से 10वीं तक की जनजातीय बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता, आत्मविश्वास और जीवन कौशल का विकास करना है।

कार्यशाला का शुभारंभ सहायक आयुक्त आदिवासी विकास घनश्याम सिंह, रूम टू रीड इंडिया के शैलेंद्र भारद्वाज और यामिनी साहू ने किया। इस दौरान घनश्याम सिंह ने कहा कि किशोरावस्था बालिकाओं के व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण चरण होता है। ऐसे समय में छात्रावास अधीक्षिकाएं केवल संरक्षक नहीं, बल्कि मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत की भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ जीवन कौशल, आत्मविश्वास और सकारात्मक नेतृत्व का विकास बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।

शैलेंद्र भारद्वाज ने बताया कि तीन वर्षीय ‘प्रोजेक्ट सक्षम’ का उद्देश्य छात्रावासों में रहने वाली बालिकाओं को जीवन कौशल आधारित शिक्षा, आत्मनिर्भरता, लैंगिक समानता और स्व-निर्माण की भावना से जोड़ना है। इस परियोजना के माध्यम से उन्हें अपने अधिकारों, अवसरों और भविष्य के प्रति जागरूक एवं सक्षम बनाया जाएगा।

कार्यशाला में लैंगिक समानता, बालिका सशक्तिकरण, प्रभावी संवाद, नेतृत्व विकास, निर्णय क्षमता, आत्मविश्वास निर्माण और जीवन कौशल जैसे विषयों पर विशेषज्ञ प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षण प्राप्त अधीक्षिकाएं और मंडल संयोजक इन विषयों को छात्रावास स्तर पर लागू कर जनजातीय बालिकाओं के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button