मध्य पूर्व में महायुद्ध का खतरा! अमेरिका ने तैनात किया तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर और 10,000 सैनिक, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की दी सीधी धमकी!

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है! अमेरिका और ईरान के बीच आठ महीनों से जारी युद्ध के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपना तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और 10,000 अतिरिक्त सैनिक तैनात कर दिए हैं। जवाब में ईरान के संसदीय अध्यक्ष ने पूरी दुनिया को चेतावनी दी है कि जब तक उनकी शर्तें पूरी नहीं होंगी, दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को किसी भी कीमत पर नहीं खोला जाएगा!
अमेरिका और ईरान के बीच आठ महीनों से जारी सैन्य संघर्ष ने अब पूरे मध्य पूर्व को ज्वाला में झोंक दिया है। पेंटागन के आदेश पर तीन अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और दो एम्फिबियस असॉल्ट ग्रुप ईरान के समुद्री इलाकों को घेरने के लिए तैयार हैं। वहीं दूसरी तरफ, तेहरान ने भी पीछे हटने से साफ मना कर दिया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर कालीबाफ ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अमेरिका अब समय नहीं बढ़ा सकता और होर्मुज की नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक ईरान की मांगें पूरी नहीं होतीं।
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से वैश्विक तेल बाजार में हाहाकार मच गया है और क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान छू रही हैं। सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर भी हूती विद्रोहियों ने हमले तेज कर दिए हैं। हालांकि, इस भयंकर वैश्विक तेल संकट और युद्ध के खतरे के बीच भारत ने अपनी मजबूत वैश्विक कूटनीति और रणनीतिक तेल भंडार प्रबंधन के बल पर देश में ईंधन की कीमतों और आपूर्ति को पूरी तरह स्थिर बनाए रखा है, जो भारत के मजबूत आर्थिक प्रबंधन को दिखाता है।
यदि अमेरिका और ईरान के बीच यह तनाव तुरंत नहीं रुका, तो दुनिया एक बेहद भयंकर वैश्विक आर्थिक मंदी की चपेट में आ सकती है।
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