ईद पर आप भी लगवाएं मेहंदी, इंडो-ऐरबिक डिजाइन का है ट्रेंड

ईद आने वाली है। हर तरफ बाजार में ईद की खरीददारी करने वालों की भीड़ है। कोई पसंदीदा कपड़े खरीद रहा है तो कोई फुटवेअर लेकिन महिलाओं और लड़कियों को सबसे ज्यादा पसंद आने वाली मेहंदी को कैसे भूल सकते हैं। ईद के मौके पर बाजार में इंडो ऐरबिक डिजाइंस से लेकर ग्लिटर वाली मल्टीकलर्ड मेहंदी छाई हुई है। इसके अलावा हिना टैटू, बटरफ्लाई और रेप्टाइल डिजाइन भी खासे डिमांड में हैं…

ट्रडिशनल मेहंदी

आमतौर पर त्योहारों पर लड़कियां ट्रडिशनल मेहंदी डिजाइन पसंद करती हैं। इन डिजाइंस में घुंघराले, घुमावदार पैटर्न, मोर या कोयरी, अलग-अलग आकार के फूल का उपयोग किया जाता है। यह कहना है मेहंदी डिजाइनर कमलेश का। वह बताते हैं कि इन डिजाइन्स को बनाते समय हाथ को ज्यादा से ज्यादा भरने का प्रयास होता है और दो आकारों के बीच खाली जगह नहीं दिखती, जिससे डिजाइन पूरी भरी हुई नजर आती है। हालांकि दूसरे डिजाइंस के मुकाबले इसे बनाने में समय ज्यादा लगता है।

इंडो-ऐरबिक का ट्रेंड

इंडियन ट्रडिशनल मेहंदी के बाद पसंद की जा रही है इंडो-ऐरबिक डिजाइन वाली मेहंदी। अलीगंज स्थित लारा ब्यूटी पार्लर की मेहंदी डिजाइनर प्रियंका चौहान बताती हैं कि इंडो-ऐरबिक डिजाइन लगाने में आसान तो होती ही है, साथ ही इसमें डिजाइंस बेुशमार होते हैं। ट्रडिशनल मेहंदी की तरह इसे बहुत ज्यादा भरा नहीं जाता।

ग्लिटर और मल्टीकलर्ड डिजाइन

ग्लिटर और मल्टीकलर्ड मेहंदी का क्रेज भी खासा बना हुआ है। मीरा बाई मार्ग स्थित रिवैम्प ब्यूटी पार्लर की ओनर रजनी सिंह बताती हैं कि ग्लिटर और मल्टीकलर्ड डिजाइन को हथेली पर बनाते वक्त स्किन को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचता है। लड़कियां इन डिजाइंस को ईद के अलावा दूसरे कई मौकों पर लगाना भी पसंद करती हैं। यह डिजाइन हाथों के अलावा पांवों पर भी अच्छा दिखता है।

मेहंदी के टैटूज

गोल्ड और सिल्वर मेहंदी के टैटूज आजकल बहुत चर्चा में है। यह टैटूज पानी से त्वचा पर चिपकाए जाते हैं और सोने या चांदी की जूलरी की तरह नजर आते हैं। हजरतगंज स्थित नैचरल ब्यूटी पार्लर की मेहंदी डिजाइनर प्रिया बताती हैं कि महिलाएं अगर कीमती जूलरी पहनकर बाहर नहीं जाना चाहती, तो यह ऑप्शन ट्राई कर सकती हैं। अगर आप केयर करेंगी तो यह टैटू मेहंदी चार से पांच दिन आराम से चल जाती है।

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