NSTFDC के 25 साल: जनजातीय उद्यमिता को मिली नई उड़ान, लाखों को मिला सहारा

रायपुर। केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम ने अनुसूचित जनजाति समुदायों के सशक्तिकरण में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (NSTFDC) की अहम भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह संस्था सिर्फ रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को उद्यमी बनाकर उन्हें रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में काम कर रही है।
नई दिल्ली में NSTFDC के 25वें स्थापना दिवस (10 अप्रैल 2026) के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने निगम को जनजातीय उद्यमिता को बढ़ावा देने वाला मजबूत प्लेटफॉर्म बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल देश के दूरदराज क्षेत्रों तक आर्थिक अवसर पहुंचाने में प्रभावी साबित हुई है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से आए लाभार्थियों—किशन ध्रुव (किराना व्यवसाय) और धनराज ठाकुर (फोटो स्टूडियो)—को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। साथ ही राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के कार्यपालन अधिकारी प्रवीण कुमार लाटा की भूमिका की भी सराहना की गई। इन सभी को NSTFDC की सावधि ऋण योजना के तहत व्यवसाय स्थापित करने में सफलता के लिए प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।
मंत्री ने बताया कि NSTFDC बिना किसी गारंटी के ऋण उपलब्ध कराकर जनजातीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर रहा है। अब तक निगम द्वारा 16 लाख से अधिक लाभार्थियों को ऋण वितरित किया जा चुका है, जिसकी कुल राशि 4,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव रंजना चोपड़ा, संयुक्त सचिव अनंत प्रकाश पांडे, NSTFDC के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक टी. रौमुआन पाइते सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




