पुणे में 43वें अखिल भारतीय ज्योतिष सम्मेलन ने मचाई खलबली, पीएम मोदी की भविष्यवाणी से हर कोई हैरान!

पुणे की धरती पर हाल ही में सम्पन्न हुए 43वें अखिल भारतीय ज्योतिष सम्मेलन ने न केवल ज्योतिष जगत में हलचल मचा दी है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी तहलका मचा दिया है। इस भव्य आयोजन में देश के जाने-माने ज्योतिषियों ने बड़े-बड़े नेताओं के भविष्य पर अपने विश्लेषण और भविष्यवाणियां प्रस्तुत कीं, लेकिन सबसे जोरदार चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक चौंकाने वाली भविष्यवाणी ने बटोरी।
मोदी राजनीति छोड़, आध्यात्म की ओर?
सम्मेलन में ज्योतिषाचार्यों ने यह दावा किया कि आने वाले समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजनीति से दूर हट सकते हैं और आध्यात्म की राह अपना सकते हैं। हिंदी सामना के रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी एक ‘अज्ञातवास’ की तरह एकांतवास में चले जाएंगे और पूरी तरह से साधना और आध्यात्म के रास्ते पर कदम रखेंगे। यह बात सुनकर हर कोई चौंक गया है, क्योंकि मोदी आज भारतीय राजनीति के सबसे मजबूत और सक्रिय चेहरे हैं।
कुंडली में छुपा राज
ज्योतिषियों के अनुसार, मोदी की कुंडली बहुत मजबूत है और यह संकेत देती है कि वे लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय रहेंगे। लेकिन सितारों की चाल में ऐसा बड़ा बदलाव आ रहा है, जो संकेत देता है कि एक दिन वे अचानक राजनीति से विदा लेकर आध्यात्म की ओर रुख कर सकते हैं। यह भविष्यवाणी जितनी आश्चर्यजनक है, उतनी ही सोचने पर मजबूर भी करती है।
राजनीतिक गलियारों में सनसनी
इस भविष्यवाणी ने बीजेपी और विपक्ष दोनों ही तरफ हलचल पैदा कर दी है। राजनीतिक विश्लेषक और नेता इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि अगर पीएम मोदी राजनीति छोड़ देते हैं, तो देश की राजनीति पर इसका क्या असर होगा। क्या यह भारतीय राजनीति में एक नया युग शुरू करेगा? सोशल मीडिया और न्यूज चैनल्स पर इस विषय पर बहस छिड़ गई है।
क्या होगा अगला कदम?
सितारों की यह चाल सच साबित होगी या सिर्फ एक भविष्यवाणी, यह तो समय ही बताएगा। लेकिन फिलहाल, पीएम मोदी के राजनीतिक और आध्यात्मिक भविष्य को लेकर उठे सवालों ने पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर दिया है।




