माओवाद की छाया से विकास की राह पर बढ़ा बोड़गा, पहली बार पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी

कभी माओवाद प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचान रखने वाला बीजापुर जिले का आश्रित ग्राम बोड़गा अब बदलाव और विकास की नई कहानी लिख रहा है। पहली बार गांव पहुंचे कलेक्टर विश्वदीप और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता चौबे ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और विकास की जरूरतों का जायजा लिया।
गांव में आयोजित बस्तर मुन्ने शिविर का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत और राजस्व विभाग द्वारा चलाए जा रहे सैचुरेशन अभियान की समीक्षा की। शिविर में पात्र ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ स्वास्थ्य जांच और उपचार की सुविधाएं भी प्रदान की गईं।
प्रशासन ने हर पात्र परिवार तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया। साथ ही ग्रामीणों की मांग पर ग्राम पंचायत बैल में धान खरीदी केंद्र स्थापित करने की दिशा में सकारात्मक पहल की गई, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
एनआरएलएम के तहत स्व-सहायता समूहों को मजबूत कर आजीविका और स्वरोजगार के नए अवसर बढ़ाने की योजना पर चर्चा हुई। वहीं विद्यार्थियों और युवाओं को शिक्षा के महत्व से अवगत कराते हुए नियमित रूप से स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया गया।
स्वास्थ्य जागरूकता के तहत ग्रामीणों को मलेरिया से बचाव के उपाय बताए गए और 15 जून से शुरू होने वाले मलेरिया मुक्त अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्माण कार्यों को बारिश से पहले पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।
वर्षों तक संघर्ष और चुनौतियों का सामना करने वाला बोड़गा अब शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, आजीविका और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ विकास की नई दिशा में आगे बढ़ता नजर आ रहा है।




