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एरिया 51 का रहस्य: सैन्य अड्डा या एलियंस की कहानी? जानिए पूरी सच्चाई

The Mystery of Area 51: Military Base or Alien Story? Find Out the Truth

दुनिया की सबसे रहस्यमयी जगहों में शुमार एरिया 51 लंबे समय तक सिर्फ अफवाहों और साजिशी कहानियों का हिस्सा बना रहा। अमेरिका के नेवादा राज्य में स्थित यह हाई-सिक्योरिटी सैन्य ठिकाना लास वेगास से करीब 134 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में है। सरकारी दस्तावेजों में इसे नेवादा टेस्ट एंड ट्रेनिंग रेंज कहा जाता है, जबकि इसे ग्रूम लेक के नाम से भी जाना जाता है।

इस अड्डे की स्थापना 1955 में हुई थी, जब सीआईए ने यहां U-2 जासूसी विमान की टेस्टिंग शुरू की। शीत युद्ध के दौर में यह जगह रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जाती थी। बाद में SR-71 ब्लैकबर्ड जैसे अत्याधुनिक विमानों का परीक्षण भी यहीं हुआ।

इन विमानों की उड़ान क्षमता 70 हजार फीट या उससे अधिक ऊंचाई तक थी। उस दौर में आम लोगों ने जब आसमान में चमकती तेज रफ्तार वस्तुएं देखीं तो कई ने उन्हें UFO समझ लिया। यहीं से एरिया 51 का नाम एलियंस और उड़न तश्तरियों से जुड़ गया।

साल 1989 में बॉब लजार नाम के एक व्यक्ति ने दावा किया कि उन्होंने यहां एलियन तकनीक पर काम किया है। उनके इस बयान ने रहस्य को और गहरा कर दिया। वहीं 1947 की रोजवेल घटना को भी अक्सर एरिया 51 से जोड़ा जाता है, जिसमें कथित तौर पर अज्ञात वस्तु के गिरने की बात कही गई थी।

हालांकि 2013 में सीआईए ने पहली बार आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया कि एरिया 51 एक सैन्य परीक्षण स्थल है। आज भी यहां अत्याधुनिक हथियार, स्टील्थ विमान और ड्रोन तकनीक का परीक्षण किया जाता है। सुरक्षा इतनी कड़ी है कि इलाके में हथियारबंद गार्ड तैनात रहते हैं, जिन्हें “कैमो ड्यूड्स” कहा जाता है। इसके ऊपर की हवाई सीमा R-4808N के नाम से जानी जाती है, जहां बिना अनुमति उड़ान भरना सख्त मना है।

रहस्य और हकीकत के बीच घिरा एरिया 51 आज भी दुनिया भर के लोगों की जिज्ञासा का केंद्र बना हुआ है।