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क्या अमेरिका ने भारत से आयातित सोलर पैनलों पर 126% शुल्क लगाया? बड़ा आर्थिक झटका!

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26 फरवरी 2026 को एक बड़ा आर्थिक और व्यापारिक विवाद सामने आया जब संयुक्त राज्य अमेरिका (US) ने भारतीय निर्मित सोलर पैनलों और मॉड्यूल्स पर प्रारंभिक काउंटरवेलिंग ड्यूटी (CVD) 126% लगाने का निर्णय लिया। यह कदम अमेरिकी वाणिज्य विभाग द्वारा उन मामलों की जांच के बाद लिया गया, जिसमें कहा गया कि भारतीय कंपनी सब्सिडी का उपयोग कर सस्ते दामों पर सोलर उपकरण अमेरिका में बेच रही थी।

वर्तमान में भारत की सोलर मॉड्यूल निर्माण क्षमता 140 GW से अधिक है और 2027 तक यह 165 GW से ऊपर जाने की उम्मीद है। हालांकि घरेलू मांग अपेक्षाकृत कम रहती है, जिससे उत्पादों का बड़ा हिस्सा निर्यात के लिए उपलब्ध होता है। 2024 में भारत के सोलर मॉड्यूल निर्यात का लगभग 90% हिस्सा अमेरिका को ही गया था, जिसकी कुल कीमत $792.6 मिलियन थी।

विश्लेषकों का मानना है कि अब लगाए गए 126% शुल्क के कारण भारतीय निर्माताओं के लिए अमेरिकी बाजार मुश्किल हो जाएगा। इस ड्यूटी से भारतीय सोलर उत्पादों की अमेरिकी प्रतिस्पर्धी क्षमता प्रभावित हो सकती है और भारतीय उद्योग को वैकल्पिक बाजारों की खोज करनी पड़ेगी।

यह कदम भारत-अमेरिका के आर्थिक सहयोग में एक महत्वपूर्ण तनाव के रूप में देखा जा रहा है और यह दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। उद्योग विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि इससे सस्ते सौर ऊर्जा उपकरणों की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर भी असर पड़ सकता है।