बोर्ड परीक्षाओं का दबाव — छात्रों में तनाव, जवाबदेही पर सवाल उठे

रायपुर। छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षाएँ जारी रहीं और कई छात्रों ने परीक्षा केंद्रों पर तनाव तथा अनुशासन की कमी की शिकायत की है। छात्र और अभिभावक सोशल मीडिया पर यह आरोप लगा रहे हैं कि परीक्षा केंद्रों पर निगरानी पर्याप्त नहीं थी तथा प्रश्नपत्र वितरण में देरी जैसी समस्याएँ सामने आईं। कई छात्र यह भी कह रहे हैं कि उन्हें पेपर से पहले उचित निर्देश नहीं मिले, जिससे उनकी तैयारियों और आत्म-विश्वास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।
कुछ अभिभावकों ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर भीड़ नियंत्रण तथा समय प्रबंधन को लेकर अधिकारियों की कार्यप्रणाली में लापरवाही दिखी है। इस मुद्दे पर शिक्षक संघ भी अपनी राय दे रहा है, जिसमें कहा गया है कि प्रशासन को छात्रों के भावनात्मक स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर समुचित व्यवस्था करनी चाहिए। वहीं बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से हो रही है और छोटी-छोटी शिकायतों को समय पर सुलझाया जा रहा है।
छात्रों ने सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट के माध्यम से अपनी परेशानियाँ साझा की हैं, जिनमें कुछ ने परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन तथा पर्यवेक्षण में सुधार की माँग की है। यह मामला शिक्षा विभाग की जवाबदेही और व्यवस्था-प्रबंधन की समीक्षा में तब्दील होता जा रहा है।



