बैंक ने IT को पछाड़ा: SBI अब TCS से भी आगे, क्या IT सेक्टर खतरे में?

28 फरवरी 2026 को State Bank of India (SBI) ने मार्केट कैप के मामले में Tata Consultancy Services (TCS) को पीछे छोड़ दिया और भारत की चौथी सबसे मूल्यवान सार्वजनिक कंपनी बन गई है। रिपोर्ट के अनुसार SBI की मार्केट कैप लगभग ₹10.9 लाख करोड़ तक पहुंच गई है, जबकि TCS की वैल्यू ₹10.5 लाख करोड़ के आसपास रही। यह बदलाव इस बात का संकेत हो सकता है कि भारतीय शेयर बाजार में तकनीकी कंपनियों का दबदबा कमजोर हो रहा है और वित्तीय क्षेत्र खासकर बैंकिंग शेयरों में निवेश बढ़ रहा है।
सेंट्रल बैंक के बैंकों और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के लिए यह एक बड़ा पल है, क्योंकि लंबे समय से TCS जैसे IT दिग्गजों ने भारत की मार्केट लिडरशिप को कब्जे में रखा था। SBI की यह छलांग Q3 में बेहतर नतीजों और मजबूत बैलेंस शीट का परिणाम मानी जा रही है। इस बढ़त ने निवेशकों में विश्वास पैदा किया है, लेकिन कुछ विश्लेषक इस बात पर चिंता जता रहे हैं कि क्या यह ट्रेंड IT सेक्टर में गिरावट का संकेत है।
कई निवेशक यह मानते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ग्लोबल टेक स्पेंडिंग में गिरावट ने IT शेयरों पर दबाव डाला है, जिससे SBI जैसे डोमेस्टिक बैंकों को फायदा हुआ है। SBI की शेयर वैल्यू रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचने से न सिर्फ भारतीय बाजार की संरचना बदल सकती है, बल्कि वैश्विक निवेश रणनीतियों में भी बदलाव का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
हालांकि बैंकिंग क्षेत्र में वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत है, लेकिन क्या IT सेक्टर और तकनीकी रोजगार संकट में हैं? यह बहस फिलहाल बाजार के सबसे गर्म विषयों में से एक बन गई है।



