Fourth Eye News

एक्सक्लूसिव खबरों का अड्डा

नल से निकली राहत की धार: नवापारा की फुलमत बाई की बदली जिंदगी

Relief flows from the tap: Life changes for Fulmat Bai of Navapara

रायपुर। आदिवासी बहुल कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम नवापारा की 60 वर्षीय फुलमत बाई के जीवन में कभी पानी सबसे बड़ी चुनौती हुआ करता था। हर दिन दो से तीन किलोमीटर दूर ढोढ़ी तक पैदल जाना, नाले के पास बने अस्थायी जलस्रोत से बड़े बर्तन में पानी भरकर सिर पर ढोकर घर लाना उनकी मजबूरी थी। उम्र के इस पड़ाव में भी पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका था।

बरसात में कीचड़ और फिसलन भरे रास्ते जोखिम बढ़ा देते थे, तो गर्मियों में जलस्तर घटने से परेशानी कई गुना बढ़ जाती थी। बकरी पालन से जीवन यापन करने वाली फुलमत बाई वर्षों तक इस कठिनाई को सहती रहीं।

लेकिन जल जीवन मिशन के तहत घर में नल कनेक्शन लगने के बाद हालात पूरी तरह बदल गए। अब सुबह 8 बजे और शाम 4 बजे नियमित रूप से नल से पानी मिलता है। ढोढ़ी तक जाने की मजबूरी खत्म हो गई है। इससे उनके समय, श्रम और स्वास्थ्य—तीनों की बचत हो रही है।

साथ ही महतारी वंदन योजना के अंतर्गत मिलने वाली प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता उनके दैनिक खर्चों में सहारा बन रही है। दो योजनाओं के संयुक्त प्रभाव ने उनके जीवन को न केवल सरल बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक बना दिया है।

फुलमत बाई की कहानी बताती है कि जब योजनाएं जमीनी स्तर पर पहुंचती हैं, तो बदलाव केवल सुविधाओं में नहीं, बल्कि आत्मसम्मान में भी दिखाई देता है।