कोरबा में सौर क्रांति! 3 किलोवाट प्लांट लगाकर हीरा राम साहू का बिजली बिल हुआ लगभग शून्य, सरकार से मिली 1.08 लाख की सहायता

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना देश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम साबित हो रही है। स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा को हर घर तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू हुई इस योजना का असर अब जमीनी स्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को सीधा लाभ मिल रहा है।
कोरबा जिले के खरमोरा निवासी हीरा राम साहू इस योजना से लाभान्वित होने वाले प्रमुख नागरिकों में शामिल हैं। मीडिया के माध्यम से योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अपने घर पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का निर्णय लिया। जून 2025 में उन्होंने 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कराया, जिसकी कुल लागत लगभग 2 लाख 10 हजार रुपये आई। इसमें केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की सहायता ने आर्थिक बोझ को काफी कम कर दिया।
चार सदस्यीय परिवार वाले साहू के घर में पहले नियमित बिजली बिल एक तय खर्च हुआ करता था। लेकिन सोलर पैनल लगने के बाद पारंपरिक बिजली पर निर्भरता लगभग समाप्त हो गई। अब उनका मासिक बिजली बिल केवल 30 से 70 रुपये के बीच आ रहा है। सेवानिवृत्ति के बाद यह बचत उनके घरेलू बजट के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।
पूर्व में सीएसईबी में कार्यरत रहे हीरा राम साहू का कहना है कि यह योजना आम लोगों के लिए बेहद लाभकारी है। इससे न केवल आर्थिक बचत हो रही है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। उनके अनुसार, ऐसी जनहितकारी योजनाएं वास्तव में जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।



