शेयर बाजार में ‘तबाही’! सेंसेक्स 1000 अंक गिरा, निवेशकों के करोड़ों डूबे

27 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसने निवेशकों के बीच घबराहट का माहौल बना दिया। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक तनाव विशेष रूप से अमेरिका-ईरान युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के चलते बाजार पर गहरा असर पड़ा।
सुबह के कारोबार में ही Nifty50 23,000 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया और 22,994.40 पर ट्रेड करता देखा गया, जो 312 अंकों की गिरावट को दर्शाता है। वहीं BSE Sensex भी 1,000 अंकों से ज्यादा गिरकर लगभग 74,256.59 के स्तर तक पहुंच गया। यह गिरावट करीब 1.35% की रही।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों के भरोसे को कमजोर किया है। ऊर्जा बाजार में अस्थिरता का सीधा असर भारतीय इक्विटी मार्केट पर पड़ा है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है।
इस गिरावट से निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है और बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। कई निवेशकों ने घबराहट में अपने शेयर बेचने शुरू कर दिए, जिससे गिरावट और तेज हो गई।
यह स्थिति यह भी दिखाती है कि वैश्विक घटनाओं का भारतीय बाजार पर कितना गहरा असर पड़ सकता है और कैसे बाहरी कारक घरेलू अर्थव्यवस्था को प्रभावित करते हैं।




